Raebareli Mandi Bhav: रायबरेली में बढ़ती महंगाई, रसोई का बदला गणित, तेल-मसालों की कीमतों में लगी आग से थाली का स्वाद हुआ फीका

Newzo

• 10:42 AM • 12 Jul 2026

Raebareli Mandi Bhav Today: रायबरेली में खाद्य तेल और मसालों की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है. आपूर्ति कम होने से सरसों के तेल और मसालों के दाम 20 से 40 रुपये तक बढ़ गए हैं. महंगाई के कारण परिवार अब जरूरत भर का सामान खरीदने को मजबूर हैं.

रायबरेली में बढ़ती महंगाई, रसोई का बदला गणित, तेल-मसालों की कीमतों में लगी आग से थाली का स्वाद हुआ फीका

रायबरेली में बढ़ती महंगाई, रसोई का बदला गणित, तेल-मसालों की कीमतों में लगी आग से थाली का स्वाद हुआ फीका

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Raebareli News: किचन से आने वाली मसालों की वह भीनी-भीनी खुशबू अब आम आदमी की जेब को महका नहीं, बल्कि झुलसा रही है. खाद्य तेलों और रोजमर्रा के मसालों की आसमान छूती कीमतों ने आम परिवारों की रसोई का पूरा बजट बिगाड़ कर रख दिया है. आलम यह है कि जो गृहणियां पहले महीने की शुरुआत में ही डिब्बे भर-भर कर राशन और मसाले ले आती थीं, वे अब सिर्फ 'ज़रूरत भर' का सामान खरीदकर काम चलाने को मजबूर हैं. थोक और रिटेल मंडियों में आई इस मंदी और महंगाई का असर अब छोटी किराना दुकानों से लेकर बड़े बाजारों की रौनक पर साफ देखा जा सकता है.

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​क्यों लगी है कीमतों में आग

बाजार के जानकारों और व्यापारियों की मानें तो इस अप्रत्याशित महंगाई के पीछे का सबसे बड़ा कारण मंडियों से माल की कम आवक (सप्लाई) होना है. पीछे से स्टॉक कम आने की वजह से थोक बाजारों में कीमतें बढ़ीं, जिसका सीधा असर अब आम उपभोक्ताओं की थाली पर पड़ रहा है. आपूर्ति में आई इस कमी ने सरसों के तेल से लेकर रोजमर्रा के पिसे मसालों तक के दामों को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है.

वस्तु स्थिति बढ़ोतरी कारण प्रभाव
सरसों का तेल कीमत में तेज उछाल ₹20–₹40 प्रति लीटर मंडियों में कम आवक (सप्लाई) रसोई का बजट प्रभावित
पाउडर मिर्च कीमत बढ़ी ₹20–₹40 प्रति किलो आपूर्ति में कमी मसालों की खरीद सीमित
पिसी धनिया कीमत बढ़ी ₹20–₹40 प्रति किलो थोक बाजार में महंगाई घरेलू खर्च बढ़ा
साबुत लाल मिर्च कीमत बढ़ी ₹20–₹40 प्रति किलो कम स्टॉक और बढ़ी मांग रोजमर्रा की रसोई महंगी

20 से 40 रुपये तक उछले दाम

​बाजार में सबसे ज्यादा मार सरसों के तेल और तीखे मसालों पर पड़ी है. पिछले कुछ ही दिनों के भीतर सरसों का तेल, पाउडर मिर्ची, पिसी धनिया और साबुत लाल मिर्च के दामों में 20 से 40 रुपये प्रति किलो/लीटर तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

गृहणियों का बजट हुआ फेल

​महंगाई की सबसे सीधी मार घर की अर्थव्यवस्था संभालने वाली महिलाओं पर पड़ी है. स्थानीय गृहणियों का कहना है कि दाल-सब्जी में छौंक लगाना भी अब सोच-समझकर करना पड़ रहा है. महीने का जो राशन पहले एक निश्चित बजट में आ जाता था, अब उसके लिए डेढ़ गुना तक जेब ढीली करनी पड़ रही है. ऐसे में मध्यम और निम्न वर्ग के सामने घर चलाना एक बड़ी चुनौती बन गया है.