Raebareli Waterlogging News: मानसून की पहली तेज बारिश ने रायबरेली नगर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी. रातभर हुई बारिश के बाद शुक्रवार सुबह शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए. सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित रहा और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों में नगर पालिका के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली.
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शहर के कई इलाकों में जलभराव*
शहर के सोनिया नगर, नया पुरवा, इंदिरा नगर, शक्ति नगर, सत्य नगर, निराला नगर, मधुबन मार्केट, सुपर मार्केट और घंटाघर समेत कई क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भर गया. कई स्थानों पर नालियों का पानी भी सड़कों पर आ गया, जिससे आमजन को आवागमन में दिक्कत हुई.
डॉ. अमिताभ पांडे के नेतृत्व में प्रदर्शन
इसी मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज पांडे के भाई एवं समाजसेवी डॉ. अमिताभ पांडे के नेतृत्व में इंदिरा नगर में स्थानीय लोगों ने नगर पालिका के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बारिश से पहले नालों और जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई, जिसके कारण पहली ही बारिश में शहर जलभराव की समस्या से जूझने लगा.
पालिका पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप
डॉ. अमिताभ पांडे ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर सड़कें तो बनाई गईं, लेकिन जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं कराया गया. उनका कहना था कि जलभराव और सीवर का गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं. उन्होंने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए.
स्कूली बच्चों और लोगों की बढ़ी परेशानी
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जलभराव के कारण स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान भी क्षतिग्रस्त हुआ है.
24 घंटे का अल्टीमेटम
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन को 24 घंटे के भीतर प्रभावित क्षेत्रों से जल निकासी सुनिश्चित करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. चेतावनी दी गई कि मांगें पूरी न होने पर नगर पालिका कार्यालय का घेराव किया जाएगा.
पालिका की प्रतिक्रिया का इंतजार
नगर पालिका की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आई थी.
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