Raebareli News: मानसून की दस्तक और लगातार हो रही बारिश ने आम जनता की थाली का स्वाद बिगाड़ना शुरू कर दिया है. बारिश का मौसम शुरू होते ही हरी सब्जियां खेतों में ही दागी होने लगी हैं. मंडियों में आवक घटने से हरी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे गृहणियों के किचन का बजट पूरी तरह से चरमरा गया है.
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एक हफ्ते में चार गुना तक बढ़े दाम
बाजार में हफ्ते भर के भीतर ही सब्जियों के दामों में भारी उछाल आया है, जो तरोई और कद्दू एक सप्ताह पहले तक महज 10 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रहे थे, उनके दाम अब बढ़कर 40 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं. वहीं 20 रुपये किलो मिलने वाली भिंडी भी अब 40 रुपये के पार बिक रही है. टमाटर, लोबिया, बैंगन, हरी मिर्च, हरी धनिया और परवल जैसी रोजमर्रा की अन्य सब्जियों के दामों में भी भारी तेजी दर्ज की गई है.
खेतों में जलभराव और भाड़ा बढ़ना मुख्य वजह
सब्जी विक्रेता भीम के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश की वजह से स्थानीय खेतों में पानी भर गया है. जलभराव के कारण किसान फसलों की तुड़ाई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे स्थानीय मंडियों में माल की आवक बेहद कम हो गई है. मांग को पूरा करने के लिए जो माल बाहर के जिलों या राज्यों से मंगाया जा रहा है, उसकी परिवहन लागत और भाड़ा काफी बढ़ गया है. थोक मंडियों में ऊंचे दाम होने की वजह से फुटकर बाजार में भी कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. आने वाले दिनों में यदि बारिश का यही दौर रहा, तो कीमतों में और इजाफा होने की आशंका है.
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