Raebareli News: मौसम के बदले मिजाज ने रायबरेली के लोगों को 'कभी खुशी, कभी गम' वाले मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है. शुक्रवार को आसमान से बरसीं राहत की बूंदों ने जहां तपती गर्मी से तड़पते लोगों को सुकून दिया था, वहीं खेतों में पानी देख अन्नदाताओं के चेहरे भी खुशी से खिल उठे थे. लेकिन, यह राहत महज चार दिन की चांदनी साबित हुई, शनिवार से जैसे ही बादलों ने 'नो-एंट्री' का बोर्ड लगाया, वैसे ही चिपचिपी उमस ने जनता का जीना मुहाल कर दिया है.
आज भी सुबह से सूरज और उमस की जुगलबंदी ने लोगों को पसीने-पसीने कर रखा है. लोग इस चिपचिपी गर्मी में बिलबिला उठे हैं. रही-सही कसर बिजली विभाग की अघोषित कटौती ने पूरी कर दी है। एक तरफ पंखे-कूलर शोपीस बने हैं, तो दूसरी तरफ उमस के इस 'डबल अटैक' से घरों के अंदर रहना भी किसी सजा से कम नहीं लग रहा है. जनता बूंद-बूंद पसीने से तरबतर होकर बिजली और बारिश दोनों को कोसने पर मजबूर है.
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मौसम विभाग का 'कूलर' बंद करने वाला अपडेट
यदि आप सोच रहे हैं कि जल्द ही झमाझम बारिश इस टॉर्चर से निजात दिलाएगी, तो थोड़ा संभल जाइए. मौसम विभाग का ताजा अनुमान आपके अरमानों पर पानी फेर सकता है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले 3-4 दिनों तक भारी या झमाझम बारिश की उम्मीद बेहद कम है. आसमान में बादलों की आवाजाही तो रहेगी, लेकिन केवल बूंदाबांदी या हल्की फुहारों से ही संतोष करना पड़ सकता है.
यानी साफ है कि रायबरेली के लोगों को अभी कुछ दिन और इस 'चिपचिपे विलेन' और बिजली कटौती के झटकों को झेलने के लिए तैयार रहना होगा.
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