Raebareli News: रायबरेली में गंगा का बढ़ा जलस्तर, डलमऊ-ऊंचाहार के घाट जलमग्न, प्रशासन अलर्ट

Newzo

• 01:17 PM • 13 Jul 2026

Raebareli Flood Alert: रायबरेली में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से डलमऊ और ऊंचाहार के कई घाट जलमग्न हो गए हैं. प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर तटीय क्षेत्रों की निगरानी तेज कर दी है. फिलहाल बाढ़ की स्थिति नहीं है, लेकिन लोगों को नदी किनारे सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

रायबरेली में गंगा का बढ़ा जलस्तर, डलमऊ-ऊंचाहार के घाट जलमग्न, प्रशासन अलर्ट

रायबरेली में गंगा का बढ़ा जलस्तर, डलमऊ-ऊंचाहार के घाट जलमग्न, प्रशासन अलर्ट

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Raebareli News: पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब रायबरेली में भी दिखाई देने लगा है. जनपद से होकर गुजरने वाली गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे डलमऊ और ऊंचाहार के कई प्रमुख घाट जलमग्न हो गए हैं. बढ़ते पानी को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है और तटीय क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.

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डलमऊ में गंगा का पानी घाटों तक पहुंचने से स्नान घाट पूरी तरह डूब गए हैं. घाटों पर बैठे पुरोहितों और पंडों ने अपने तख्त सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिए हैं. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार सुबह डलमऊ में गंगा का जलस्तर 95.120 मीटर दर्ज किया गया. जलस्तर में लगातार वृद्धि से श्रद्धालुओं को स्नान करने में कठिनाई हो रही है और नदी के कई हिस्सों में गहराई बढ़ने से खतरा भी बढ़ गया है. प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और गहरे पानी में न उतरने की अपील की है.

बढ़ते जलस्तर से गंगा किनारे बसे गांवों और किसानों की चिंता भी बढ़ गई है. नदी के समीप स्थित खेतों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है, जिससे फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है.

वहीं ऊंचाहार क्षेत्र में पिछले 24 घंटे के दौरान गंगा का जलस्तर करीब पांच फीट बढ़ गया है. गोकना घाट की सीढ़ियों तक पानी पहुंच चुका है. स्थानीय पुरोहित जितेंद्र द्विवेदी ने बताया कि घाटों पर रखा सामान हटाना पड़ा है क्योंकि पानी लगातार बढ़ रहा है. हालांकि उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और तत्काल किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है.

एसडीएम सत्येंद्र सिंह ने बताया कि गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है, लेकिन अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी है. प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी संबंधित अधिकारियों व लेखपालों को क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं. यदि जलस्तर में और बढ़ोतरी होती है तो आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएंगे.