Raebareli Political News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को लेकर जारी सियासी बहस के बीच प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने सपा और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पहले यह स्पष्ट करे कि उसके पीडीए में आखिर शामिल कौन-कौन है, क्योंकि इसकी परिभाषा लगातार बदलती नजर आ रही है.
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मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि समाजवादी पार्टी रोज़ अपने पीडीए की नई-नई व्याख्या करती है. कभी इसमें अगड़ों की बात होती है, कभी अल्पसंख्यकों की, तो कभी ब्राह्मण, क्षत्रिय और अन्य वर्गों को जोड़ने की कोशिश की जाती है. उन्होंने कहा कि पहले सपा को जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि उसका पीडीए आखिर है क्या और यह किन वर्गों के लिए बनाया गया है.
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी को केवल नारे देने के बजाय यह भी बताना चाहिए कि उसने अपने कार्यकाल में पिछड़े, दलित और अन्य वर्गों के लिए क्या ठोस काम किए हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पार्टी भविष्य में भी केवल पुराने राजनीतिक नारों के सहारे चुनाव लड़ना चाहती है या जनता के लिए कोई नई सोच और योजना भी रखती है.
यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉ. पांडेय ने कहा कि पीडीए का नारा समाजवादी पार्टी ने दिया है, इसलिए इसकी पूरी जिम्मेदारी भी उसी की है. उन्होंने कहा कि सपा को जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह इस नारे के माध्यम से क्या संदेश देना चाहती है और उसकी वास्तविक मंशा क्या है.
कैबिनेट मंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में पीडीए को लेकर बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं.
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