Habshi Halwa Recipe: जब बात रामपुर के जायके की आती है तो जेहन में बिरयानी और कबाब का नाम सबसे पहले आता है. लेकिन रामपुर की एक और ऐसी मिठास है जिसके बिना यहां की दस्तरखान अधूरी मानी जाती है वह है हब्शी हलवा. अपने गहरे काले भूरे रंग और सोंधी खुशबू के लिए मशहूर यह हलवा न केवल स्वाद में बेमिसाल है बल्कि सेहत के गुणों से भी भरपूर है. यूपी Tak की खास सीरीज 'One District, One Cuisine' में आज हम आपको नवाबी शहर रामपुर की तंग गलियों से निकलकर पूरी दुनिया में मशहूर हुए 'हब्शी हलवे' की दास्तान और उसकी सीक्रेट रेसिपी बताएंगे.
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नवाबी दौर की मीठी विरासत
हब्शी हलवे का इतिहास रामपुर के नवाबों के दौर से जुड़ा है. इसे शाही हलवा भी कहा जाता है क्योंकि इसे तैयार करने में लगने वाली सामग्री और समय दोनों ही बहुत कीमती हैं. यह हलवा अपनी खास बनावट और कड़क सोंधेपन के लिए जाना जाता है. सर्दियों के मौसम में इसकी मांग और बढ़ जाती है. क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाले मेवे और जड़ी-बूटियां शरीर को अंदरूनी गर्माहट देती हैं.
क्या है हब्शी हलवे की खासियत?
रामपुर का हब्शी हलवा आम हलवों जैसा नरम नहीं होता बल्कि यह थोड़ा सख्त और दानेदार होता है. इसे बनाने की प्रक्रिया काफी लंबी और मेहनत वाली है. पारंपरिक रूप से इसे दूध को घंटों तक कड़ाही में जलाकर और उसमें अंकुरित गेहूं (समनक), घी, चीनी और ढेर सारे ड्राई फ्रूट्स डालकर तैयार किया जाता है. इसका गहरा रंग दूध के लगातार जलने और चीनी के कैरमलाइज होने से आता है.
घर पर कैसे बनाएं?
अगर आप रामपुर नहीं जा सकते तो इस नवाबी स्वाद को इन स्टेप्स के साथ घर पर भी आजमा सकते हैं.
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