Raebareli Weather Update 28 July 2026: सोमवार रात हुई हल्की फुहारों से मिली थोड़ी राहत के बाद मंगलवार को मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया. सुबह होते ही आसमान साफ हुआ और तीखी धूप निकल आई, जिसने शहर का पारा और लोगों का पारा दोनों चढ़ा दिया. हल्की बारिश के बाद निकली इस तेज धूप ने वातावरण में चिपचिपी उमस बढ़ा दी है, जिससे लोग दिनभर पसीने से तर-बतर नजर आए.
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उम्मीदों पर फिरा पानी, उमस ने छुड़ाए पसीने
बीती रात जब आसमान में बादल घिरे और हल्की बूंदाबांदी हुई, तो लोगों ने राहत की सांस ली थी. उम्मीद जताई जा रही थी कि तापमान में गिरावट आएगी और सुहावना मौसम बना रहेगा. लेकिन मंगलवार तड़के से ही खिली धूप ने इन उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया.
सूरज चढ़ने के साथ ही धूप की तपिश बढ़ती गई. बीती रात हुई नमी और दिन की धूप के मेल से बढ़ी भीषण उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया. पंखे और कूलर भी इस चिपचिपी गर्मी के आगे बेअसर साबित हो रहे हैं.
किसानों की बढ़ी चिंता, झमाझम बारिश का इंतजार
मौसम के इस दोहराव से सबसे ज्यादा चिंतित ग्रामीण इलाकों के किसान नजर आ रहे हैं. धान की रोपाई के इस सीजन में किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं. सोमवार रात हुई हल्की बूंदाबांदी से खेतों को खास राहत नहीं मिली, उल्टे मंगलवार को निकली कड़क धूप ने खेतों की नमी को और सोख लिया है. किसानों का कहना है कि हल्की फुहारों से सिर्फ उमस बढ़ती है, जबकि फसलों और धान की रोपाई के लिए अच्छी और झमाझम बारिश की सख्त दरकार है. बारिश न होने की सूरत में किसानों को निजी नलकूपों और पंपसेट के सहारे सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे उनकी लागत भी बढ़ रही है.
क्या कहते हैं मौसम विशेषज्ञ?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के दौरान बारिश के तुरंत बाद धूप निकलने पर हवा में आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) का स्तर काफी बढ़ जाता है. यही कारण है कि तापमान में भले ही बहुत ज्यादा बढ़ोतरी न हो, लेकिन उमस के कारण गर्मी कई गुना ज्यादा महसूस होती है.
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