Municipal Council Raebareli: नगर पालिका परिषद रायबरेली की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है. भाजपा के कुछ नामित सभासदों ने नगर पालिका अध्यक्ष पर टेंडर प्रक्रिया और विभिन्न विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए प्रभारी मंत्री राकेश सचान को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.
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जिले के दौरे पर आए प्रदेश सरकार के खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा तथा वस्त्रोद्योग विभाग के मंत्री एवं रायबरेली के प्रभारी मंत्री राकेश सचान से नामित सभासद अजय सिंह ने मुलाकात कर शिकायत पत्र सौंपा. शिकायत में नगर पालिका परिषद के विभिन्न विभागों में कराए जा रहे कार्यों में पारदर्शिता के अभाव और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका व्यक्त की गई है.
टेंडर प्रक्रिया पर उठाए सवाल
नामित सभासद अजय सिंह, अखिलेश तिवारी, शिशिर श्रीवास्तव और राजेश अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका परिषद में निर्माण, सफाई, प्रकाश व्यवस्था तथा जलकल विभाग से संबंधित कार्यों के आवंटन में नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है. उनका कहना है कि कई कार्यों में गुणवत्ता और मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. सभासदों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से टेंडर प्रक्रिया प्रभावित की गई है. उन्होंने शासन स्तर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
पहले भी उठते रहे हैं सवाल
नगर पालिका अध्यक्ष शत्रुघ्न सोनकर के कार्यकाल को लेकर पूर्व में भी विभिन्न मुद्दों पर शिकायतें सामने आती रही हैं. बजट व्यय, कर्मचारियों के वेतन भुगतान और विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं. स्थानीय नागरिकों द्वारा भी कुछ विकास कार्यों को लेकर जिलाधिकारी से शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है. शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ स्थानों पर आवश्यकता से अधिक निर्माण कार्य दर्शाए गए हैं, जबकि वास्तविक स्थिति अलग है.
गौरतलब है कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी जांच की मांग उठ चुकी है. अब नामित सभासदों द्वारा सीधे प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है. हालांकि, इन आरोपों पर नगर पालिका अध्यक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. मामले की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल सभासदों की शिकायत के बाद शासन और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं.
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