रायबरेली में गैस एजेंसियों की मनमानी, 50 हजार उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अटकी

Raebareli LPG eKYC pending:रायबरेली में गैस एजेंसियों की लापरवाही से करीब 50 हजार उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अधूरी है. नतीजतन लोगों को एलपीजी सिलेंडर बुकिंग में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. डीएम के निर्देशों के बावजूद हालात नहीं सुधरे, जिसके बाद प्रशासन ने जांच और कार्रवाई की चेतावनी दी है.

 Raebareli gas agency news

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Newzo

16 Jun 2026 (अपडेटेड: 16 Jun 2026, 11:27 AM)

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Raebareli LPG eKYC pending: जिले में गैस एजेंसी संचालकों की मनमानी का खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है. शासन के कड़े निर्देशों के बावजूद जिले के करीब 50 हजार गैस कनेक्शन धारकों की ई-केवाईसी अब तक नहीं हो सकी है. इसके चलते इन उपभोक्ताओं के सामने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग कराने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. परेशान उपभोक्ता पिछले ढाई महीने से रोजाना सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं, लेकिन वहां उन्हें केवल आश्वासन और अव्यवस्था ही हाथ लग रही है.

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उपभोक्ताओं ने क्या आरोप लगाए हैं?

गैस एजेंसियों के बाहर चक्कर काट रहे उपभोक्ताओं का आरोप है कि काउंटर पर पहुंचने के बाद कर्मचारी ई-केवाईसी न होने का हवाला देकर उन्हें बिना सिलेंडर दिए वापस लौटा देते हैं. इस मामले में जिला प्रशासन के आदेश भी बेअसर साबित हो रहे हैं. बीते दिनों जिलाधिकारी (डीएम) ने सभी गैस एजेंसियों को अपने यहां अतिरिक्त काउंटर खोलकर प्राथमिकता के आधार पर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के सख्त निर्देश दिए थे, लेकिन धरातल पर एजेंसी संचालकों की मनमानी के आगे ये आदेश पूरी तरह हवा हवाई साबित हो रहे हैं. शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी ज्यादा खराब है, जहां लोगों को सही जानकारी तक नहीं मिल पा रही है.

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एजेंसियों को अलग से काउंटर संचालित करने के निर्देश 

इस गंभीर लापरवाही को लेकर जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) उबैदुर्रहमान ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि 50 हजार उपभोक्ताओं की केवाईसी लंबित होने के कारण सिलेंडर बुकिंग में आ रही दिक्कतों को देखते हुए सभी एजेंसियों को अलग से काउंटर संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं. यदि इसके बाद भी किसी भी गैस एजेंसी संचालक द्वारा लापरवाही या मनमानी बरतने का मामला सामने आता है, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. फिलहाल, जिलापूर्ति अधिकारी की ओर से इन गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली की गोपनीय जांच भी शुरू करा दी गई है.

महत्वपूर्ण क्यों है?

 50 हजार उपभोक्ता प्रभावित: ई-केवाईसी लंबित होने से जिले के करीब 50 हजार गैस कनेक्शन धारकों को सीधे परेशानी का सामना करना पड़ रहा   है.

 सिलेंडर बुकिंग पर असर: ई-केवाईसी पूरी न होने पर उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर बुक कराने में दिक्कत हो सकती है.

 घरेलू जरूरतों पर प्रभाव: रसोई गैस की आपूर्ति बाधित होने से आम परिवारों की दैनिक जरूरतें प्रभावित हो सकती हैं.

 प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी: डीएम के निर्देशों के बावजूद एजेंसियों पर सुधार न होना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है.

 ग्रामीण उपभोक्ता सबसे ज्यादा प्रभावित: दूर-दराज के गांवों में रहने वाले लोगों को जानकारी और सुविधाओं की कमी के कारण अधिक   परेशानीउठानी पड़ रही है.

 कार्रवाई की संभावना: मामले की जांच शुरू होने के बाद गैस एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है, जिससे पूरे जिले की गैस वितरण व्यवस्था   प्रभावित हो सकती है.