Raebareli News : लापरवाही का बाँध टूटा, रायबरेली में भदोखर के पास माइनर फटी, पानी-पानी हुआ रास्ता, स्कूल जाते मासूम फंसे, धान की फसलें जलमग्न

Newzo

• 11:12 AM • 05 Aug 2026

Raebareli Canal Breach: रायबरेली के भदोखर के पास माइनर कटने से सड़क और आसपास के खेत जलमग्न हो गए. धान की फसलें डूब गईं और स्कूल जा रहे बच्चे रास्ते में फंस गए. ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि प्रशासन से जल्द राहत और मरम्मत की मांग की जा रही है.

लापरवाही का बाँध टूटा, रायबरेली में भदोखर के पास माइनर फटी, पानी-पानी हुआ रास्ता, स्कूल जाते मासूम फंसे, धान की फसलें जलमग्न

लापरवाही का बाँध टूटा, रायबरेली में भदोखर के पास माइनर फटी, पानी-पानी हुआ रास्ता, स्कूल जाते मासूम फंसे, धान की फसलें जलमग्न

Google CTA

Raebareli Canal Breach: विभागीय बेपरवाही और सिस्टम की अंधी आंखों का खामियाजा एक बार फिर जनता को भुगतना पड़ रहा है. राही ब्लॉक के भदोखर थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर कोरचंदामऊ जाने वाले रास्ते पर आज सुबह माइनर अचानक कट गई. देखते ही देखते नहर का पानी उफान मारता हुआ सड़क और खेतों में तबाही मचाने लगा, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और आवागमन पूरी तरह ठप्प हो गया.

यह भी पढ़ें...

​मानक को ठेंगे पर रख छोड़ा पानी, पटरी हुई धड़ाम!

सूत्रों की मानें तो माइनर में क्षमता और मानक से कई गुना ज्यादा पानी का दबाव छोड़ दिया गया था. उफनते पानी का तेज बहाव माइनर की कच्ची पटरी बर्दाश्त नहीं कर सकी और धड़ाम से ढह गई. माइनर कटते ही तेज धार के साथ पानी आसपास के इलाकों में फैल गया.

​खेत बने ताल-तलैया, किसानों के अरमानों पर फिरा पानी

इस तबाही से सबसे बड़ा झटका बेबस किसानों को लगा है। खून-पसीने से सींची गई धान की लहलहाती फसलें मिनटों में जलमग्न हो गईं. खेतों में कई-कई फीट पानी भर जाने से फसलें पूरी तरह डूब चुकी हैं. मेहनत बर्बाद होती देख किसानों की आंखों में आंसू और जुबान पर आक्रोश है.

​सुबह-सुबह आफत: स्कूल ड्रेस में तड़पते रहे मासूम

माइनर कटने का सबसे दर्दनाक मंजर सुबह के वक्त देखने को मिला। कोरचंदामऊ मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाने के कारण स्कूल के लिए निकले सैकड़ों नन्हे-मुन्ने बच्चे रास्ते में ही फंस गए. पानी के तेज बहाव के बीच बैग टांगे बच्चे घंटों बेबस खड़े रहे. गाड़ियों के पहिए थम गए और राहगीर जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर दिखे.

हैरत की बात तो यह है कि थाने से महज 100 मीटर दूर इतनी बड़ी आफत आ गई, रास्ते बंद हो गए, फसलें तबाह हो गईं और नौनिहाल परेशान होते रहे, लेकिन सिंचाई विभाग और जिम्मेदार अफसरों की आंखों से पटी पट्टी अभी तक नहीं उतरी है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि जलप्रलय जैसी स्थिति बनने के बावजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर सुध लेने नहीं पहुंचा. ग्रामीणों में प्रशासन की इस अनदेखी को लेकर भारी गुस्सा पनप रहा है.