Raebareli Mandi Bhav Today: रायबरेली में आखिरकार नरम पड़े टमाटर के तेवर, दामों में गिरावट से रसोई का बजट सुधरा

Newzo

• 10:15 AM • 28 Jul 2026

Raebareli Mandi Bhav 28 July 2026: रायबरेली में टमाटर के दाम घटने से लोगों को राहत मिली है, लेकिन बाढ़ और कम बारिश के कारण अधिकांश सब्जियां अब भी महंगी बनी हुई हैं. बाहरी जिलों से आपूर्ति और बढ़ी परिवहन लागत कीमतों को प्रभावित कर रही है. महंगाई से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार सबसे ज्यादा परेशान हैं.

रायबरेली में आखिरकार नरम पड़े टमाटर के तेवर, दामों में गिरावट से रसोई का बजट सुधरा

रायबरेली में आखिरकार नरम पड़े टमाटर के तेवर, दामों में गिरावट से रसोई का बजट सुधरा

Google CTA

Raebareli Mandi Bhav 28 July 2026: मौसम की बेरुखी और कुदरत की मार का सीधा असर अब जनपद वासियों की रसोई पर दिखने लगा है. एक तरफ कम बारिश तो दूसरी तरफ गंगा कटरी के इलाकों में आई बाढ़ से सब्जियों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं. स्थानीय आवक शून्य होने के कारण मंडियों में सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं. 

यह भी पढ़ें...

हालात यह हैं कि रसोई के बजट के साथ-साथ गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की थाली का जायका भी बिगड़ गया है. वहीं बीते कई दिनों से तीखे तेवर दिखा रहा लाल टमाटर आखिरकार नरम पड़ गया है. मंडियों में आवक सुधरते ही टमाटर के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम जनता और गृहिणियों ने बड़ी राहत की सांस ली है. पिछले दिनों तक 60 रुपये प्रति किलो के पार बिकने वाला टमाटर अब 30 रुपये सस्ता होकर आम आदमी की पहुंच में आ गया है. दामों में आई इस गिरावट से रसोई का बिगड़ा हुआ बजट एक बार फिर पटरी पर लौटता दिख रहा है.

​थोक व्यापारियों के मुताबिक, स्थानीय फसलें जलमग्न होने से बाहरी जिलों और राज्यों से माल मंगाना पड़ रहा है. डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी के चलते परिवहन खर्च काफी बढ़ गया है. पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से फलों और सब्जियों की आवक प्रभावित हुई है. थोक मंडी से ही माल महंगा मिलने के कारण फुटकर बाजार में पहुंचते-पहुंचते आलू, प्याज, टमाटर से लेकर लौकी-कद्दू तक के भाव आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गए हैं.

बाजार में क्या हैं सब्जियों के ताजा भाव

मंगलवार को शहर के प्रमुख बाजारों में टमाटर 30 रुपये प्रति किलो, करेला 60 रुपये, कद्दू 50 रुपये, बैंगन 40 रुपये, लौकी 40 रुपये और तरोई 40 रुपये,आलू 20 रुपये,प्याज 40 रुपये प्रति किलो तक बिकी. व्यापारियों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर सब्जियों की आवक कम होने और दूसरे जिलों से माल मंगाने में परिवहन लागत बढ़ने से कीमतों में उछाल आया है.

फल बाजार भी महंगाई की चपेट में है. पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से फलों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे उनके दाम भी बढ़ गए हैं. इसका असर आम उपभोक्ताओं पर साफ दिखाई दे रहा है.

सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने सबसे ज्यादा गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की चिंता बढ़ा दी है. लोगों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरत की हरी सब्जियां अब उनकी पहुंच से दूर होती जा रही हैं. यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में महंगाई का असर और बढ़ सकता है.