Raebareli News: वैश्विक हलचलों और बाजार की अनिश्चितता के कारण सोने और चांदी की कीमतों में आ रहे रिकॉर्ड तोड़ उतार-चढ़ाव का सीधा असर अब जनपद के सराफा बाजार पर साफ दिखने लगा है. शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश व बाजार बंद रहने के चलते सोने-चांदी की कीमतों में स्थिरता रही. हालांकि, वीकेंड पर दाम भले ही स्थिर रहे हों, लेकिन वे अब भी अपने रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर बने हुए हैं.
ADVERTISEMENT
आसमान छूती कीमतों ने जहां आम आदमी के बजट को बिगाड़ कर रख दिया है, वहीं सराफा बाजार में वर्षों से चले आ रहे खरीदारी के पारंपरिक तौर-तरीकों को भी पूरी तरह बदल दिया है. शहर के कैपरगंज, घंटाघर और प्रमुख सराफा बाजारों में अब भारी-भरकम और पारंपरिक आभूषणों के काउंटर पर सन्नाटा पसरा है, जबकि हल्के और आधुनिक (लाइटवेट व ट्रेंडी) आभूषणों के काउंटरों पर ग्राहकों की चहल-पहल देखी जा रही है.
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, कीमतों में आ रही यह तेजी घरेलू ही नहीं बल्कि वैश्विक कारणों से भी जुड़ी है. सराफा बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,41,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर स्थिर रही. वहीं, चांदी भी कुलांचे मारते हुए 2,22,000- 2,30,000 के बीच प्रति किलोग्राम पर टिकी रही. दामों में आई इस अप्रत्याशित तेजी के कारण मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए शादियों की खरीदारी करना एक बड़ी चुनौती बन गया है. लोकल बाजार के मुताबिक भाव में अंतर संभव है.
ग्राहकों की पसंद देख व्यापारियों ने भी बदली रणनीति
बाजार में आए इस बड़े बदलाव को भांपते हुए स्थानीय सराफा व्यापारियों ने भी अपनी व्यावसायिक रणनीति में बदलाव किया है. ग्राहकों को टूटने से बचाने के लिए सराफा कारोबारी अब दिल्ली, मुंबई और राजकोट के विशेष कारीगरों से ऐसी ज्वेलरी तैयार करवा रहे हैं, जो वजन में बेहद हल्की हों लेकिन देखने में उनका लुक भारी और भव्य (कास्टिंग ज्वेलरी) लगे.
| 24 कैरेट सोने का भाव | ₹1,41,000 प्रति 10 ग्राम |
| चांदी का भाव | ₹2,22,000–₹2,30,000 प्रति किलोग्राम |
| पहले खरीदारी की योजना | 50 ग्राम सोना |
| वर्तमान खरीदारी | 20–25 ग्राम सोना |
| लाइटवेट ज्वेलरी की मांग | लगभग 70% बढ़ी |
| लोकप्रिय कैरेट | 18 कैरेट, 22 कैरेट |
क्या कहते हैं सराफा कारोबारी?
शहर के सराफा कारोबारी कुक्कू का कहना है कि कीमतों में अनिश्चितता के चलते ग्राहक बाजार में आने से पहले ही अपना बजट तय कर ले रहे हैं. शनिवार और रविवार को छुट्टी के दिन पूछताछ के लिए आने वाले ग्राहकों का भी यही रुख रहा. यदि कोई ग्राहक पहले किसी शादी के लिए 50 ग्राम सोने के गहने खरीदने की योजना बना रहा था, तो वह अब दाम बढ़ने के कारण 20 से 25 ग्राम में ही अपनी खरीदारी समेट रहा है. यही वजह है कि 18 और 22 कैरेट में बनी लाइटवेट ज्वेलरी की मांग इन दिनों 70 फीसदी तक बढ़ गई है.
इन आभूषणों की बढ़ी सबसे ज्यादा मांग
सराफा बाजार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इन दिनों कामकाजी महिलाओं और युवा पीढ़ी में भारी हार, भारी चूड़ियों और पारंपरिक कंदोरे के बजाय स्लीक चेन, ब्रेसलेट, हल्के वजन वाले चोकर सेट, डायमंड-कट नथनी और हल्के बुंदे (इयररिंग्स) की मांग सबसे ज्यादा है. यह आभूषण न सिर्फ दैनिक उपयोग में आरामदायक होते हैं, बल्कि बजट के अनुकूल भी बैठते हैं.
ADVERTISEMENT











