Raebareli News: नीट पेपर लीक और सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर रायबरेली में फूटा गुस्सा, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

Newzo

• 11:09 AM • 19 Jul 2026

Raebareli Protest News: रायबरेली में नीट पेपर लीक और सोनम वांगचुक के आमरण अनशन के समर्थन में युवाओं व स्वराज अभियान के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार से वार्ता और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की अपील की गई.

नीट पेपर लीक और सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर रायबरेली में फूटा गुस्सा, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

नीट पेपर लीक और सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर रायबरेली में फूटा गुस्सा, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

Google CTA

Raebareli News: नीट पेपर लीक मामले के बाद देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर युवाओं और सामाजिक संगठनों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रसिद्ध वैज्ञानिक एवं पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के पिछले 20 दिनों से जारी आमरण अनशन और बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर शनिवार को रायबरेली में युवाओं और 'स्वराज अभियान' के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया. आंदोलनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा.

यह भी पढ़ें...

​शहीद चौक से कलेक्ट्रेट तक निकाला पैदल मार्च

देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए युवाओं और स्वराज अभियान के कार्यकर्ताओं ने शहीद चौक से एक शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला. यह मार्च कैनाल रोड, जिला अस्पताल चौराहा और अम्बेडकर पार्क होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा. प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर गहरा रोष प्रकट किया. राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि 20 दिन बीत जाने के बाद भी सरकार ने आंदोलनकारियों से संवाद स्थापित करने का प्रयास नहीं किया है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के लिहाज से बेहद चिंताजनक है.

​पुलिसिया कार्रवाई पर जताया पुरजोर विरोध

आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस द्वारा आमरण अनशन पर बैठे महान वैज्ञानिक सोनम वांगचुक को जबरन उठाए जाने का प्रयास किया गया, जो पूरी तरह निंदनीय है. उन्होंने कहा कि अनशन पर बैठे वैज्ञानिक और छात्र-छात्राओं का जीवन इस समय गंभीर संकट में है, लेकिन सरकार की संवेदनहीनता बरकरार है.

​20 जुलाई तक का अल्टीमेटम, 'पार्लियामेंट मार्च' की चेतावनी

स्वराज अभियान के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तत्काल वार्ता कर समस्या का ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा. संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि 20 जुलाई तक सरकार ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो देश भर के कार्यकर्ता 'पार्लियामेंट मार्च' के आह्वान पर दिल्ली कूच करने के लिए बाध्य होंगे. ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से मांग की गई है कि वे इस संवेदनशील मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर शिक्षा प्रणाली में सुधार और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार को कड़े निर्देश जारी करें.

​प्रदर्शन में यह रहे मौजूद

इस विरोध प्रदर्शन और मार्च के दौरान मुख्य रूप से अमित कुमार, रमेश, पुरु, एडवोकेट अर्चना, एडवोकेट पुष्कर, एडवोकेट अनुज कुमार, संजय, शुभम, आर्येश, सर्वजीत, अवनीश कुमार, अनूप कुमार, सुभाशीष कुमार, रंजन कुमार, मनीष रावत, शिव प्रकाश, अभिषेक वर्मा, दीपक, अनुज, प्रदीप, अमरजीत, अर्पित, रितुज राजवंशी, अंकित, राहुल कुमार, गगन और प्रवेन्द्र सहित बड़ी संख्या में युवा और जागरूक नागरिक उपस्थित रहे.