Raebareli News: रायबरेली में खाद के लिए हाहाकार, रजिस्ट्री नहीं तो खाद नहीं, उर्वरक संकट से धान की फसल पर मंडराया खतरा

Newzo

• 05:38 PM • 17 Jul 2026

Raebareli Fertilizer Crisis: रायबरेली के महराजगंज क्षेत्र में खाद की कमी और फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. धान की फसल पर संकट गहराने की आशंका के बीच किसान समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने और आधार सहित वैकल्पिक पहचान पत्र के आधार पर खाद वितरण की मांग कर रहे हैं.

रायबरेली में खाद के लिए हाहाकार, रजिस्ट्री नहीं तो खाद नहीं! उर्वरक संकट से धान की फसल पर मंडराया खतरा

रायबरेली में खाद के लिए हाहाकार, रजिस्ट्री नहीं तो खाद नहीं! उर्वरक संकट से धान की फसल पर मंडराया खतरा

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Raebareli News: धान की रोपाई के इस बेहद महत्वपूर्ण दौर में क्षेत्र के किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है. महराजगंज क्षेत्र में खाद की भारी किल्लत के चलते किसान सुबह से लेकर देर शाम तक साधन सहकारी समितियों और निजी उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं. समितियों पर सुबह से ही किसानों की लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कई किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है.

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फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य होने से बढ़ीं मुश्किलें 

पीड़ित किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा उर्वरक वितरण के लिए 'फार्मर रजिस्ट्री' को अनिवार्य किया गया है. लेकिन तकनीकी दिक्कतों या अन्य कारणों से जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अभी तक नहीं हो पाई है, उन्हें खाद मिलने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. इस प्रशासनिक पेच के कारण समय पर खेतों तक खाद नहीं पहुंच पा रही है, जिससे धान की फसल पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका गहरा गई है.

समय पर खाद न मिली तो घटेगा उत्पादन 

क्षेत्र के सजग किसानों का कहना है कि खेती पूरी तरह से समय के चक्र पर निर्भर करती है. धान की रोपाई के तुरंत बाद यदि निर्धारित समय के भीतर पौधों को यूरिया और अन्य उर्वरक न मिले, तो फसल की बढ़वार रुक जाती है. इससे न सिर्फ फसल की गुणवत्ता प्रभावित होगी, बल्कि आगामी सीजन में उत्पादन में भी भारी गिरावट आ सकती है. किसान कई दिनों से लगातार दुकानों के चक्कर काट रहे हैं, पर उन्हें जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल पा रही है.

वितरण व्यवस्था को सरल बनाने की मांग 

किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से मांग की है कि खेती की व्यावहारिक परिस्थितियों को देखते हुए वितरण व्यवस्था को तत्काल सरल और लचीला बनाया जाए. उन्होंने सुझाव दिया है कि जब तक शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक किसानों को आधार या किसी अन्य वैध सरकारी पहचान पत्र के आधार पर उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए.

किसानों का स्पष्ट कहना है कि सरकार की मंशा हमेशा अन्नदाता को राहत देने की रही है, ऐसे में स्थानीय अधिकारियों को वितरण प्रक्रिया को व्यावहारिक बनाना चाहिए ताकि कोई भी पात्र किसान खाद से वंचित न रहे और समय रहते उसकी फसल बच सके.