Raebareli News: रायबरेली में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही, बांस-बल्लियों के सहारे दौड़ रहा करंट, एक दर्जन गांवों पर हादसे का खतरा

Newzo

• 03:30 PM • 17 Jul 2026

Raebareli Electricity Department News: रायबरेली में बिजली विभाग की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है. बांस-बल्लियों के सहारे दौड़ रही बिजली की लाइनें कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं. साढ़े तीन साल से पोल लगाने का वादा अधूरा है, जबकि एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग रोजाना खतरे के साए में जी रहे हैं.

 रायबरेली में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही, बांस-बल्लियों के सहारे दौड़ रहा करंट, एक दर्जन गांवों पर हादसे का खतरा

रायबरेली में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही, बांस-बल्लियों के सहारे दौड़ रहा करंट, एक दर्जन गांवों पर हादसे का खतरा

Google CTA

Raebareli Electricity Department News: शिवगढ़ क्षेत्र में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां विद्युत पोलों के अभाव में बांस और बल्लियों के सहारे हाईवोल्टेज करंट दौड़ रहा है.  कस्बे की मास्टर कॉलोनी समेत क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में बिजली विभाग बिना खंभों और पक्के तारों के ही उपभोक्ताओं को कनेक्शन देकर भूल गया है. स्थिति यह है कि हल्की आंधी या तेज हवा के झोंकों से ये तार जमीन तक झूलने लगते हैं, जिससे हर वक्त बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है. विभागीय उदासीनता को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और उपभोक्ताओं में गहरा आक्रोश है.

यह भी पढ़ें...

साढ़े तीन साल से आश्वासन का 'करंट', जमीन पर लटक रही केबल

कस्बे की मास्टर कॉलोनी में रहने वाले राम प्रसाद पासी ने बताया कि उनके बेटे और बहू पिछले कई वर्षों से झुग्गी बनाकर रह रहे हैं.  करीब साढ़े तीन साल पहले उन्होंने घरेलू बिजली का कनेक्शन लिया था. खंभे से दूरी अधिक होने के कारण विभाग ने उस वक्त अस्थाई तौर पर बांस-बल्ली लगाकर कनेक्शन जोड़ दिया था. तब कर्मचारियों ने जल्द ही बीच में एक पक्का पोल लगाने का भरोसा दिया था, लेकिन साढ़े तीन साल बीतने के बाद भी न तो पोल लगा और न ही विभागीय तार. वर्तमान में अस्थाई बांस-बल्लियां सड़कर झुक चुकी हैं और बिजली की केबल जमीन पर लटक रही है, जिससे कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है.

कुंभी समेत एक दर्जन गांवों का यही हाल

यह लापरवाही केवल मास्टर कॉलोनी तक सीमित नहीं है. क्षेत्र के कुंभी समेत करीब एक दर्जन गांवों में विद्युत आपूर्ति का यही हाल है. ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों उपभोक्ताओं के घरों तक बांस-बल्लियों और पेड़ों की टहनियों के सहारे सर्विस केबल खींची गई है. बरसात के मौसम में इन गीले बांसों और पेड़ों में करंट उतरने का खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है. उपभोक्ताओं का कहना है कि वे हर महीने ईमानदारी से बिजली का बिल भर रहे हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर उन्हें सिर्फ खतरा परोसा जा रहा है.