Raebareli News: महंगाई के मोर्चे पर आम जनता के लिए एक और बुरी खबर है. जिले में बादलों की एंट्री होते ही हरी सब्जियों ने भी अपने तेवर 'लाल' कर लिए हैं. जो अदरक और प्याज कभी रसोई की शान हुआ करते थे, वो अब तिजोरी की चीज बनते जा रहे हैं. महज तीन हफ्तों के भीतर अदरक के दाम डबल सेंचुरी पार कर चुके हैं. गृहणियों का कहना है कि अब सब्जी बनाना कोई आम बात नहीं, बल्कि भारी-भरकम बजट मैनेजमेंट का खेल बन गया है.
ADVERTISEMENT
मानसून के आते ही रायबरेली की सब्जी मंडियों में ऐसा उबाल आया है कि रसोई का बजट पूरी तरह से वेंटिलेटर पर पहुंच गया है. पिछले 20 दिनों में प्याज ने जहां आम जनता के आंसू निकाल दिए हैं, वहीं अदरक के तीखे तेवरों ने मध्यमवर्गीय परिवारों का जायका ही बिगाड़ दिया है. हालात यह हैं कि मंडियों में हरी सब्जियों के दाम सुनकर ही लोग उल्टे पांव लौटने को मजबूर हैं.
महंगाई की मार, आधी हुई थाली की सब्जियां
बाजार में खरीदारी करने पहुंच रहे लोगों का कहना है कि रोजमर्रा के खान-पान की चीजें इतनी महंगी हो गई हैं कि अब जरूरत से आधा सामान ही खरीदना पड़ रहा है. मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के लिए महीने का खर्च चलाना दूभर हो गया है. लोगों को अब इंतजार है कि कब मौसम सामान्य हो और मंडी में आवक बढ़ने से इन बेकाबू दामों से कुछ राहत मिल सके.
ADVERTISEMENT











