Raebareli DM Action: जिले में आज उस वक्त 'हड़कंप' मच गया जब जिलाधिकारी (DM) हर्षिता माथुर के एक गोपनीय आदेश ने अफसरों को सड़कों पर उतार दिया. डीएम साहब का इशारा मिलते ही जिले के सभी उप-जिलाधिकारी (SDM) अपनी टीम के साथ 'एक्शन मोड' में आ गए और सीधे धमक पड़े गैस एजेंसियों के गोदामों पर.
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न सूचना, न चेतावनी... सीधे 'सर्जिकल स्ट्राइक'!
रायबरेली प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई ने गैस एजेंसी संचालकों को संभलने का मौका तक नहीं दिया. जैसे ही साहब की गाड़ियां गोदामों के बाहर रुकीं, वहां मौजूद कर्मचारियों के पसीने छूट गए. लोग समझ नहीं पाए कि आखिर माजरा क्या है, लेकिन जब जांच शुरू हुई तो पता चला कि यह जनता की रसोई पर डाका डालने वालों के खिलाफ एक बड़ी जंग है.
खिड़की खुली तो 'खुल गई पोल'!
सूत्रों की मानें तो कई एजेंसियों पर भारी अनियमितताएं देखने को मिलीं. कहीं स्टॉक रजिस्टर अधूरा था, तो कहीं सिलेंडर की डिलीवरी को लेकर उपभोक्ताओं की लंबी शिकायतें थीं. एसडीएम ने मौके पर ही कड़े निर्देश देते हुए कहा— "जनता का हक मारने वालों की जगह अब सलाखों के पीछे होगी!"
डीएम साहब का साफ संदेश
रायबरेली की जनता को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं में अगर किसी ने भी सेंध लगाने की कोशिश की, तो उसका बोरिया-बिस्तर गोल होना तय है.
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