रायबरेली: रफ्तार की रानी कही जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस पर एक बार फिर 'पत्थरबाजों' ने अपनी भड़ास निकाली है. प्रयागराज से गोरखपुर की ओर शान से दौड़ रही इस ट्रेन को ऊंचाहार और रामचौरा के बीच निशाना बनाया गया. अचानक हुए इस हमले से ट्रेन के अंदर बैठे यात्रियों के दिल दहल गए. गनीमत रही कि मजबूत शीशे ने पत्थर का प्रहार झेल लिया, वरना किसी की जान भी जा सकती थी.
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खिड़की पर लगा पत्थर, कोच में मचा हड़कंप
सप्ताह में छह दिन चलने वाली इस वीआईपी ट्रेन पर हमला तब हुआ जब वह अपनी पूरी रफ्तार में थी. जैसे ही पत्थर C-4 कोच की खिड़की से टकराया, तेज आवाज के साथ शीशा दरक गया. खिड़की के पास बैठे यात्री अचानक हुई इस घटना से सहम गए. लोको पायलट ने तुरंत कंट्रोल रूम को वायरलेस सेट पर इसकी सूचना दी और रायबरेली स्टेशन पहुंचते ही लिखित मेमो थमा दिया.
कहां से आया पत्थर? CCTV खोलेगा 'हमलावरों' का राज
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटा है कि पत्थर फेंका कहां से गया. लोको पायलट भी सटीक लोकेशन नहीं बता पाए हैं. अब आरपीएफ की उम्मीदें गोरखपुर से आने वाली सीसीटीवी फुटेज पर टिकी हैं.
क्या बोले ऊंचाहार के RPF प्रभारी?
ऊंचाहार आरपीएफ थाना प्रभारी एसके सिंह का कहना है कि घटनास्थल की तलाश की जा रही है. एक बार जगह कन्फर्म होते ही मुकदमा दर्ज कर ऐसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी कि भविष्य में कोई ट्रेन की ओर आंख उठाने की हिम्मत नहीं करेगा."
बार-बार क्यों हो रहा 'टारगेट'?
देश की सबसे आधुनिक ट्रेनों में शुमार वंदे भारत पर पथराव की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. आखिर क्यों बार-बार इस ट्रेन को ही निशाना बनाया जा रहा है? यह सवाल अब रेल प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गया है.
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