Raebareli Flood Alert: डलमऊ क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तराई और कटरी इलाके बाढ़ की आशंका से घिर गए हैं. नदी के उफान का असर अब जनजीवन और खेती-किसानी पर साफ दिखाई देने लगा है. कई प्रमुख स्नान घाट पानी में समा चुके हैं, जबकि सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है. हालात को देखते हुए तहसील प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है और राजस्व विभाग की टीमें संवेदनशील गांवों में लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
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गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण उड़द, धान और मवेशियों के चारे की फसलें पानी में डूब गई हैं. फसलों को हुए नुकसान से किसानों के सामने आर्थिक संकट के साथ पशुओं के चारे की भी समस्या खड़ी हो गई है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो जल्द ही पानी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच सकता है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार शाम गंगा का जलस्तर 96.340 मीटर दर्ज किया गया था, जो प्रति घंटे एक से दो सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ता रहा. सोमवार को जलस्तर 96.600 मीटर पर पहुंचकर फिलहाल स्थिर हो गया है. हालांकि यह स्तर अभी खतरे के निशान 98.360 मीटर से नीचे है, लेकिन नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने तराई क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है.
तहसील प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. राजस्व विभाग की टीमों को गांवों में सक्रिय रहने और ग्रामीणों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके.
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