Akhilesh Yadav on Dhurandhar 2 Controversy: फिल्म 'धुरंधर 2' को लेकर यूपी की सियासत में 'महाभारत' छिड़ गई है.समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव द्वारा फिल्म को भाजपा का प्रोपेगेंडा बताने पर रायबरेली के ऊंचाहार विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने करारा हमला बोला है. डॉ. पांडेय ने सपा प्रमुख को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अखिलेश यादव को 'दृष्टि' का दोष हो गया है और इसका इलाज शास्त्रों में नहीं, बल्कि मेडिकल साइंस में है.
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'जाकी रही भावना जैसी...' से दिया जवाब
अखिलेश के आरोपों की धज्जियां उड़ाते हुए डॉ. मनोज पांडेय ने रामचरितमानस की चौपाई का सहारा लिया.उन्होंने कहा— "जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी"। यानी जिसकी जैसी सोच और नियत होती है, उसे सच भी वैसा ही नजर आता है. अखिलेश यादव की नीयत में खोट है, इसलिए उन्हें फिल्म में केवल राजनीति दिख रही है.
'चक्षु दोष' का तंज: "धर्म में नहीं, अस्पताल में है इलाज"
विधायक ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर किसी को 'चक्षु दोष' (आंखों की बीमारी) हो जाए, तो वह धर्मग्रंथ पढ़कर ठीक नहीं होता.उसके लिए डॉक्टर के पास जाना पड़ता है. उन्होंने तंज कसा कि अखिलेश यादव को तथ्यों से परहेज है, इसलिए वे फिल्म को बदनाम कर रहे हैं.
सियासी उबाल: क्या था मामला?
बता दें कि अखिलेश यादव ने'धुरंधर 2' फिल्म की रिलीज को भाजपा की चुनावी चाल बताया था. उन्होंने कहा था कि भाजपा नफरत फैलाने के लिए ऐसी फिल्में प्रमोट करती है. इसी बयान पर डॉ. मनोज पांडेय ने उन्हें आईना दिखाते हुए शास्त्र और विज्ञान, दोनों से घेर लिया है.
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