2 एमएम पथरी के लेजर ऑपरेशन के वक्त बिगड़ी तबीयत और चली गई जान, बलिया की अनीशा पांडे संग जो हुआ वो किसी के साथ ना हो!

Woman Dies During Surgery Ballia: जगदीशपुर के प्राइवेट अस्पताल में अनीशा पांडे की ऑपरेशन के दौरान मौत. पथरी के लेजर ऑपरेशन के नाम पर लापरवाही का आरोप.परिजनों ने अस्पताल में किया जमकर हंगामा, पुलिस का लाठीचार्ज.

Ballia News

अनिल अकेला

23 Mar 2026 (अपडेटेड: 23 Mar 2026, 10:36 AM)

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Woman Dies During Surgery Ballia: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक प्राइवेट अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है.  देवकली की रहने वाली अनीशा पांडे को पेट में पथरी की शिकायत के बाद बलिया के जगदीशपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परिजनों का आरोप है कि महज 2 mm की पथरी के लेजर ऑपरेशन का भरोसा देकर डॉक्टरों ने अनीशा को भर्ती किया. लेकिन ऑपरेशन के दौरान उनकी मौत हो गई. इतना ही नहीं परिजनों का यह भी आरोप है कि डॉक्टरों ने मौत की बात घंटों तक छुपाए रखी और गुमराह करते रहे. घटना के बाद एडीएम ने मामले की जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

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पथरी का लेजर ऑपरेशन करते हुए मौत

परिजनों के अनुसार, अनीशा पांडे को मामूली पथरी थी. डॉक्टरों ने उन्हें विश्वास दिलाया था कि लेजर तकनीक से बिना किसी खतरे के ऑपरेशन हो जाएगा. लेकिन जैसे ही ऑपरेशन शुरू हुआ अनीशा की हालत बिगड़ती चली गई और उन्होंने दम तोड़ दिया. परिजनों का कहना है कि जब हालत पूरी तरह बिगड़ गई तब डॉक्टरों ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए उन्हें मेदांता ले जाने की सलाह दी. जबकि अनीशा की जान पहले ही जा चुकी थी.

गुस्साए परिजनों की पुलिस से हुई हाथापाई

अनीशा पांडे की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में चीख-पुकार मच गई. आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. इस दौरान भीड़ और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और हाथापाई भी हुई. पुलिस को स्थिति संभालने के लिए मोर्चा संभालना पड़ा और हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करना पड़ा.

दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी (ADM) बलिया, अनिल कुमार ने बताया कि महिला को पथरी के ऑपरेशन के लिए लाया गया था और ऑपरेशन के दौरान ही उनकी मृत्यु हो गई. इस दौरान उन्होंने कहा कि पुलिस को जो भी तहरीर मिलेगी उसके आधार पर मेडिकल टीम गठित कर जांच कराई जाएगी. अगर डॉक्टर या अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही साबित होती है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.