Prayagraj Murder Case: प्रयागराज में एक करोड़पति परिवार के चार लोगों की एक साथ हत्या का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. एक बंद घर और दुकान का ताला तोड़ने पर परिवार के चार सदस्यों के लहूलुहान शव बरामद हुए हैं. मृतकों में पिता, मां, बेटी और बेटा शामिल हैं. घटना के सामने आते ही प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर आईपीएस अजय पाल शर्मा तुरंत एक्शन में आ चुके हैं और उन्होंने खुद मौके पर पहुंचकर कमान संभाल ली है. इस हत्याकांड में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब घटनास्थल पर घर की दीवार और एक बोर्ड पर लिखा मिला 'बंटी-बबली और बहू ने मारा.' ऐसे में अब पुलिस संपत्ति विवाद, आपसी रंजिश और पारिवारिक बैकग्राउंड समेत सभी पहलुओं पर गहराई से जांच कर रही है.
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घर में मिलीं तीन लाशें और दुकान में पड़ा मिला बेटे का शव
एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. अजय पाल शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि 'शुरुआती जांच में पुलिस को साउथ मलाका स्थित आवास से तीन शव बरामद हुए थे. ये शव मकान मालिक वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी और उनकी बेटी के थे. इसके बाद जब वीरेंद्र वैश्य की मार्केट की 12-15 दुकानों में से एक बंद दुकान का ताला खोला गया तो उसके भीतर से एक और शव मिला. परिजनों ने आशंका जताई है कि यह शव वीरेंद्र वैश्य के बड़े बेटे अभिषेक का हो सकता है. सभी शवों पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं जिससे अंदेशा है कि किसी भारी वस्तु से हमला कर चारों की बेरहमी से हत्या की गई है.
दीवार पर लिखा 'बंटी-बबली और बहू' का राज
आईपीएस अजय पाल शर्मा के मुताबिक, पुलिस के हाथ इस हत्याकांड से जुड़ा एक बड़ा सुराग लगा है. घटनास्थल पर दीवार और बोर्ड पर लिखा पाया गया है कि 'बंटी-बबली और बहू ने मारा है.' पुलिस अब इस बहू और बंटी-बबली के एंगल पर फोकस कर रही है. जांच में यह बात भी सामने आई है कि वीरेंद्र वैश्य का छोटा बेटा अश्विनी वैश्य फिलहाल लाखों रुपये के धोखाधड़ी के कई मामलों में कौशाम्बी जेल में बंद है. वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है. पुलिस अब जेल में बंद अश्विनी की पत्नी यानी परिवार की छोटी बहू और उसके मायके वालों के बारे में पूरी जानकारी जुटा रही है.
खुलासे के लिए 5 टीमें गठित
मामले की गंभीरता और इसके हाई-प्रोफाइल होने के कारण पुलिस कमिश्नरेट पूरी तरह अलर्ट पर है. डॉ. अजय पाल शर्मा ने बताया कि फॉरेंसिक और फील्ड यूनिट की टीमों ने मौके पर पहुंचकर फिंगरप्रिंट्स और अन्य एविडेंस जुटा लिए हैं. शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों और समय का स्पष्ट पता चल सकेगा.
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