'बंटी-बबली और बहू ने मारा है...', प्रयागराज में बंद घर से मिले पत्नी-पत्नी और बेटी के शव तो बेटे की लाश मिली दुकान से, दीवार पर जो लिखा मिला उसने उलझा दिया केस

प्रयागराज के साउथ मलाका में वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी, बेटी और बेटे का शव बरामद. घर की दीवार और बोर्ड पर लिखा मिला— 'बंटी-बबली और बहू ने मारा'. पुलिस जांच में जुटी.

Prayagraj South Malaka Murder Case

पंकज श्रीवास्तव

• 09:30 AM • 03 Jun 2026

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली सामने आई है. यहां सिटी जोन के कोतवाली थाना क्षेत्र के साउथ मलाका इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों के शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. बंद घर और दुकान का ताला तोड़कर बरामद हुए इन शवों के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, जिसके बाद पुलिस इसे हत्या मानकर जांच में जुट गई है. इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पुलिस को घर की दीवारों और एक बोर्ड पर खौफनाक संदेश लिखे हुए मिले.

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साउथ मलाका में एक घर से मंगलवार शाम को तीन लोगों के शव बरामद होने से हड़कंप मचा था, लेकिन देर शाम लापता बेटे का भी शव मिलने के बाद यह गुत्थी सुलझने के बजाय और उलझ गई है. एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर डॉ. अजय पाल शर्मा के मुताबिक, बंद घर और दुकान में जहां पर शव मिले हैं, वहा बाहर से ताले लगे हुए थे. पुलिस ने ताले तोड़कर ही इन शवों को बरामद किया है. शवों की स्थिति को देखकर यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि किसी भारी चीज से मारकर इस वारदात को अंजाम दिया गया है. फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है.

पहले मिले तीन शव, फिर दुकान के भीतर से बरामद हुआ लापता बेटे का शव

गौरतलब है कि मंगलवार शाम को पुलिस ने घर के मुखिया 70 वर्षीय वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी 65 वर्षीय पत्नी अनीता और 45 वर्षीय बेटी मीनाक्षी का शव घर के भीतर से बरामद किया था. पुलिस ने तीनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमाॉर्टम के लिए भेज दिया था, लेकिन उस वक्त तक 40 वर्षीय बेटे अभिषेक के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी.

इसके बाद देर शाम, लापता अभिषेक का भी शव बरामद कर लिया गया. उसका शव मृतक वीरेंद्र कुमार वैश्य की ही 12-13 दुकानों में से एक दुकान के अंदर से मिला. मृतक के ही एक परिजन ने शव की शिनाख्त अभिषेक के रूप में की है. अभिषेक का शव कई दिन पुराना लग रहा है और उसका शरीर फूल गया है, जिसे पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है.

कौशांबी जेल में बंद है दूसरा बेटा, बहू पर गहराया शक

पुलिस की शुरुआती जांच में इस पूरे परिवार की पृष्ठभूमि से जुड़े कई अहम और आपराधिक पहलू सामने आए हैं. एडिशनल पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, मृतक वीरेंद्र कुमार वैश्य का एक बेटा अश्विनी वैश्य फ्रॉड के एक पुराने मामले में इस समय कौशांबी जेल में बंद है. जेल में बंद अश्विनी और मृतक अभिषेक दोनों ही आपराधिक प्रवृत्ति के थे और दोनों की अपने पिता वीरेंद्र कुमार वैश्य से अनबन रहती थी.

पुलिस ने जब पूरे घर की सघन तलाशी ली, तो वहां की दीवारों और एक बोर्ड पर साफ शब्दों में लिखा पाया गया कि 'बंटी-बबली और बहू ने मारा है.' इन संदेशों के सामने आने के बाद पुलिस का शक बहू की तरफ गहरा गया है. पुलिस अब जेल में बंद अश्विनी की पत्नी (बहू) के बारे में सघनता से जानकारी जुटाने में लगी है.

खुलासे के लिए लगीं 5 टीमें, संपत्ति विवाद समेत हर एंगल पर जांच

इस हत्याकांड के खुलासे और साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस की फील्ड यूनिट, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम लगातार मौके पर काम कर रही हैं. इसके साथ ही आस-पास के इलाकों में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी खंगाला जा रहा है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस की कुल 5 विशेष टीमें लगाई गई हैं. एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर डॉ. अजय पाल शर्मा ने बताया कि पुलिस संपत्ति विवाद समेत सभी पहलुओं और एंगल्स पर गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है और जल्द ही इस पूरे सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा.

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