UP Weather Update: उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच हर किसी की नजरें आसमान पर टिकी हैं कि आखिर इस साल राहत की बूंदें कब बरसेंगी. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून को लेकर मौसम विभाग (IMD) की ओर से एक बड़ा और ताजा अपडेट सामने आया है. इसके साथ ही यूपी तक ने मौसम विभाग के लखनऊ केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल सिंह से खास बातचीत कर यह जानने की कोशिश की कि इस बार उत्तर प्रदेश में मॉनसून की एंट्री कब तक होने की संभावना है.
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उत्तर प्रदेश में मॉनसून की दस्तक को लेकर यूपी तक ने मौसम विभाग के लखनऊ केंद्र के सीनियर साइंटिस्ट अतुल सिंह से सीधा सवाल पूछा कि यूपी में मॉनसून की इस साल एंट्री की क्या संभावित डेट है?
इस सवाल का जवाब देते हुए वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल सिंह ने स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने बताया, "इस वर्ष मॉनसून अभी तक केरल/मेन लैंड पर नहीं पहुंचा है. केरल में मॉनसून के पहुंचने के बाद 'मॉनसून सर्ज' की तीव्रता की नियमित निगरानी की जाएगी. उसके आधार पर मध्यावधि पूर्वानुमान अवधि में ही उत्तर प्रदेश में मॉनसून के आगे बढ़ने यानी अग्रसरण की सही तिथि निर्धारित की जा सकेगी." वैज्ञानिक के इस बयान से साफ है कि यूपी में मॉनसून की सटीक तारीख केरल में उसकी दस्तक के बाद ही तय होगी.
देश में 4 जून को दस्तक देगा मॉनसून, एल नीनो (El Nino) फेक्टर बढ़ाएगा चिंता
दूसरी ओर, मौसम विभाग के राष्ट्रीय केंद्र ने देश में मॉनसून के आगमन की तारीख की घोषणा कर दी है. मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 4 जून को केरल में प्रवेश करेगा. इसके साथ ही अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई अन्य हिस्सों में भी मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा.
हालांकि, इस साल देशवासियों के लिए एक चिंताजनक खबर भी है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस बार देश में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई गई है. वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश कम होने का मुख्य कारण 'एल नीनो' (El Nino) की स्थिति का सक्रिय होना है, जो मॉनसूनी हवाओं की रफ्तार और बादलों के बरसने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है.
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