यूपी के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, 10% टैरिफ बढ़ोतरी पर लगी रोक, आयोग ने UPPCL से मांगा जवाब

UP Electricity Bill Relief News: उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. राज्य में बिजली बिलों पर प्रस्तावित 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ वसूली को फिलहाल रोक दिया गया है.

UP Electricity Bill News

आशीष श्रीवास्तव

• 10:58 AM • 02 Jun 2026

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UP Electricity Relief News: उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. राज्य में बिजली बिलों पर प्रस्तावित 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ वसूली को फिलहाल रोक दिया गया है. उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने UPPCL के इस प्रस्ताव पर रोक लगाते हुए स्पष्ट किया है कि जब तक अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक उपभोक्ताओं से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा. इस फैसले से आम जनता पर बढ़ने वाला आर्थिक बोझ फिलहाल टल गया है.

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प्रस्ताव पर आयोग की रोक

उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने जून महीने के बिजली बिलों में 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ जोड़ने का प्रस्ताव दिया था. इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद विद्युत नियामक आयोग ने तत्काल प्रभाव से इस पर रोक लगा दी है. आयोग ने UPPCL से इस मामले में विस्तृत स्पष्टीकरण भी मांगा है और कहा है कि जब तक पूरी प्रक्रिया की समीक्षा नहीं हो जाती, तब तक किसी भी उपभोक्ता के बिल में अतिरिक्त शुल्क शामिल नहीं किया जाएगा.

याचिका बनी अहम कारण

इस पूरे मामले में विद्युत उपभोक्ता परिषद की भूमिका महत्वपूर्ण रही. परिषद ने इस प्रस्ताव को नियमों के खिलाफ बताते हुए नियामक आयोग में याचिका दाखिल की थी. परिषद का कहना था कि इस तरह की अतिरिक्त वसूली से उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक दबाव बढ़ेगा. आयोग ने याचिका पर सुनवाई करते हुए UPPCL को निर्देश दिया और फिलहाल प्रस्तावित बढ़ोतरी को लागू करने से रोक दिया.

पहले भी जताई गई थी आपत्ति

यह पहली बार नहीं है जब उपभोक्ता परिषद ने बिजली दरों या अतिरिक्त शुल्क के खिलाफ आवाज उठाई हो. इससे पहले भी ईंधन अधिभार शुल्क (Fuel Surcharge) से जुड़े मामलों में परिषद ने आयोग के सामने आपत्ति दर्ज कराई थी. परिषद का लगातार यह कहना रहा है कि बिजली कंपनियों को उपभोक्ताओं पर मनमाने तरीके से अतिरिक्त भार डालने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

गर्मी के बीच उपभोक्ताओं को मिली राहत

गौरतलब है कि यह प्रस्ताव ऐसे समय पर आया था जब प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति और कटौती को लेकर पहले से ही शिकायतें सामने आ रही थीं. गर्मी के मौसम में बढ़ती बिजली मांग के बीच उपभोक्ता पहले से ही परेशान हैं. ऐसे में अगर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लागू हो जाता तो आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ता. फिलहाल इस प्रस्ताव पर रोक लगने के बाद उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है और अब सभी की नजर नियामक आयोग के अंतिम फैसले पर टिकी है.