Bareilly news: उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की साधारण बसों की बदहाल स्थिति यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है. सैटेलाइट बस अड्डे और पुराने बस अड्डे पर खड़ी कई बसों की जांच में सामने आया कि अधिकांश बसें तकनीकी खामियों और सुरक्षा उपकरणों के अभाव के बावजूद सड़कों पर दौड़ रही हैं.
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पड़ताल के दौरान आगरा मार्ग पर संचालित बरेली डिपो की बसों में टूटी हुई हेडलाइटें मिलीं, जबकि मुरादाबाद जाने वाली रूहेलखंड डिपो की कई बसों में बरसात के मौसम के बावजूद वाइपर नहीं लगे थे. पुराने बस अड्डे पर बदायूं रूट की एक बस में केवल एक हेडलाइट ही काम करती मिली. कई बसों के इंडिकेटर भी खराब या गायब पाए गए.
बसों की अंदरूनी स्थिति भी चिंताजनक है. कई बसों में बिजली की वायरिंग खुली हुई है और तार बाहर लटक रहे हैं. सीटें फटी हुई हैं तथा अपनी जगह से हिल रही हैं. खिड़कियों के ढीले शीशों के कारण सफर के दौरान लगातार खड़खड़ाहट होती रहती है. सुरक्षा मानकों की अनदेखी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अधिकांश बसों में फायर एक्सटिंग्विशर और फर्स्ट एड बॉक्स तक उपलब्ध नहीं हैं.
यात्रियों का कहना है कि अचानक ब्रेक लगने पर ढीली सीटों के कारण उनका सिर आगे की सीटों या लोहे के हिस्सों से टकराने का खतरा बना रहता है. इससे सफर असुविधाजनक और जोखिम भरा हो गया है.
इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक चौधरी ने बताया कि सभी बसों में वाइपर और अन्य आवश्यक उपकरण लगाने के निर्देश दिए गए हैं. जो बसें अत्यधिक जर्जर हैं, उन्हें जल्द ही रूट से हटाकर मरम्मत के लिए कार्यशाला भेजा जाएगा.
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