Sandeep Singh Case Update: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हाई-प्रोफाइल प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड में यूपी एसटीएफ को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. एसटीएफ ने मामले की कड़ियां जोड़ते हुए मुख्य साजिशकर्ता और उसके एक करीबी सहयोगी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है. जांच में जो सबसे सनसनीखेज खुलासा हुआ है वह यह कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए बाकायदा 5 लाख की सुपारी दी गई थी. इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में तगड़ा सियासी एंगल भी सामने आ गया है, जिससे लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है.
ADVERTISEMENT
संदीप सिंह की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में मुख्य मास्टरमाइंड दिनेश यादव और उसके सहयोगी मुबीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. एसटीएफ की तफ्तीश में यह बात साफ हुई है कि दिनेश यादव ने ही संदीप सिंह को रास्ते से हटाने के लिए शूटर्स को 500000 की सुपारी दी थी. सूत्रों के अनुसार, इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने से महज कुछ दिन पहले ही दिनेश यादव ने संदीप सिंह को सरेआम जान से मारने की धमकी भी दी थी, जिसके बाद से ही वह घात लगाकर सही मौके की तलाश में था.
सपा कनेक्शन से गरमाई सूबे की सियासत
इस हत्याकांड के तार अब सीधे तौर पर सियासत से जुड़ते नजर आ रहे हैं. गिरफ्तार मुख्य आरोपी दिनेश यादव खुद को समाजवादी पार्टी (सपा) की लोहिया सभा का उपाध्यक्ष बताता है. गिरफ्तारी के बाद से ही दिनेश यादव की तस्वीरें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. इसके साथ ही, एसटीएफ द्वारा बरामद की गई आरोपी की गाड़ी पर भी 'समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी' लिखा हुआ पाया गया है. हालांकि, दिनेश यादव के समाजवादी पार्टी से जुड़े होने के इन तमाम दावों और राजनीतिक संबंधों पर अभी तक सपा नेतृत्व या किसी आधिकारिक प्रवक्ता की तरफ से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिसका इंतजार किया जा रहा है.
सुपारी नेटवर्क और शूटर्स की तलाश में जुटी एसटीएफ, बड़े खुलासे की उम्मीद
प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड को लेकर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीमें लगातार एक्टिव मोड में काम कर रही हैं. मुख्य साजिशकर्ता दिनेश यादव और उसके मददगार मुबीन को जेल भेजने के बाद अब एसटीएफ का पूरा ध्यान हत्या की इस गहरी साजिश, सुपारी नेटवर्क के बैकएंड और वारदात में शामिल एक्चुअल शूटर्स तक पहुंचने पर है. अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों से रिमांड के दौरान पूछताछ में कई अन्य सफेदपोशों और संभावित आरोपियों की भूमिका का भी पर्दाफाश हो सकता है. लखनऊ पुलिस इस मामले में जल्द ही कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां और अहम खुलासे करने की संभावना जता रही है.
ADVERTISEMENT









