सिगरेट विवाद में बीजेपी युवा मोर्चा नेता शिवम सिंह की पीट-पीटकर हत्या! दोस्त निलेश और जीशान को लेकर भाई ने कह दी ऐसी बात

Lucknow Crime News: लखनऊ के विभूतिखंड स्थित जलवा क्लब के बाहर मामूली विवाद में बीजेपी युवा मोर्चा नेता शिवम सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. परिवार ने दोस्तों और ड्राइवर पर साजिश का आरोप लगाया है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए मामले की जांच में जुटी है.

Shivam Singh

अंकित मिश्रा

28 May 2026 (अपडेटेड: 28 May 2026, 05:27 PM)

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Lucknow Crime News: लखनऊ के हाई-प्रोफाइल विभूतिखंड थाना क्षेत्र में 25 मई की देर रात एक खौफनाक वारदात सामने आई है. यहां 'जलवा क्लब' के बाहर सिगरेट पीने को लेकर हुए मामूली विवाद में अयोध्या के बीजेपी युवा मोर्चा जिला कमेटी सदस्य शिवम सिंह की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई. हमलावरों की पिटाई से गंभीर रूप से घायल शिवम ने गोमतीनगर के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इस घटना के बाद मृतक के भाई ने विभूतिखंड थाने में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. वहीं मृतक के परिजनों ने शिवम के साथ आए दोस्तों और ड्राइवर पर ही हत्या की गहरी साजिश रचने का आरोप लगाते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

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अयोध्या से लखनऊ पार्टी करने आए थे शिवम

सामने आई जानकारी के अनुसार, अयोध्या के रहने वाले बीजेपी कार्य समिति के सदस्य शिवम सिंह 25 मई की रात अपने दोस्त निलेश मौर्य, जीशान और एक ड्राइवर के साथ लखनऊ में पार्टी करने आए थे. देर रात ये सभी विभूतिखंड के जलवा क्लब पहुंचे. क्लब के बाहर सिगरेट पीने की बात को लेकर शिवम की कुछ अज्ञात युवकों से बहस हो गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दबंगों ने शिवम सिंह पर लात-घूसों से हमला कर दिया. हमलावरों ने उन्हें इतनी बेरहमी से पीटा कि वे सिर और जबड़े पर गंभीर चोट लगने के कारण मौके पर ही बेसुध होकर गिर पड़े. वारदात के बाद हमलावर फरार हो गए.

अनजान व्यक्ति के फोन से मिली भाई को सूचना

शिवम सिंह के छोटे भाई सौरभ सिंह ने बताया कि उन्हें 26 मई की सुबह करीब 4:00 बजे एक अनजान व्यक्ति ने शिवम के ही मोबाइल से फोन कर घटना की जानकारी दी. सौरभ ने बताया कि 'सूचना मिलते ही हम सुबह करीब 6:30 से 7:00 बजे के बीच राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंच गए थे. वहां उनकी हालत बेहद नाजुक थी. लेकिन अस्पताल में बेड खाली न होने के कारण हमें उन्हें तुरंत गोमतीनगर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट करना पड़ा. वहां इलाज तो शुरू हुआ लेकिन भाई को बचाया नहीं जा सका.'

भाई ने शिवम के दोस्तों पर लगाए आरोप

सौरभ सिंह ने शिवम के दोस्तों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यूपी 112 पुलिस को किसी तीसरे व्यक्ति ने सूचना दी थी. जो दोस्त भाई के साथ गाड़ी में आए थे उन्होंने शिवम को बचाने या अस्पताल पहुंचाने में कोई सहयोग नहीं किया. सौरभ का आरोप है कि इस पूरी घटना में शिवम के दोस्तों और ड्राइवर की मिलीभगत है और यह एक सोची-समझी साजिश है, क्योंकि वारदात के बाद से किसी भी दोस्त ने शिवम का हाल-चाल तक नहीं लिया.

'गाड़ी पर पत्थर मार रहे थे लोग' 

मृतक के भतीजे आयुष सिंह ने बताया कि लखनऊ पहुंचने पर उन्हें मालूम हुआ कि शिवम आईसीयू में हैं और उन्हें तुरंत तीन यूनिट ब्लड की व्यवस्था करनी पड़ी. बाद में जब उन्होंने पूरी कड़ियों को जोड़ा, तो पता चला कि घटना के वक्त शिवम ने अपने परिचित आशीष शुक्ला को फोन किया था. शिवम ने फोन पर कहा था कि 'कुछ लोग उनकी गाड़ी पर पत्थर फेंक रहे हैं.' इस पर आशीष ने उन्हें 15 मिनट रुकने को कहा था. लेकिन जब तक वे बताए गए स्थान पर पहुंचे, वहां कोई नहीं मिला.

बुधवार को जब शिवम का दोस्त निलेश मौर्य थाने आया तो उसने पुलिस को बताया कि सिगरेट को लेकर बहस हुई थी जिसके बाद वह कार लेने चला गया. तभी कुछ लोग पत्थर चलाने लगे. वहां से बचकर भागने के बाद शिवम ने ही कठौता झील के पास कार रोककर आराम करने की बात कही थी जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई.

पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट है परिवार

परिजनों की तरफ से अभिषेक प्रताप सिंह ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई से परिवार बिल्कुल संतुष्ट नहीं है और पुलिस लगातार उन्हें गुमराह कर रही है. पुलिस केवल एफआईआर दर्ज करने और पोस्टमार्टम कराने का प्रोटोकॉल निभा रही है जबकि मुख्य साजिशकर्ताओं के खिलाफ कोई उचित और ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है.

जांच में जुटी पुलिस

इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले पर इंस्पेक्टर विभूतिखंड ने बताया कि पुलिस घटना की हर पहलू से बेहद गंभीरता से जांच कर रही है. जलवा क्लब के बाहर और आसपास के रूट के सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में ले लिया गया है, जिसमें शिवम क्लब से निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं. पुलिस ने मुख्य गवाह निलेश मौर्य को साथ ले जाकर घटनास्थल का री-क्रिएशन भी किया है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही साक्ष्यों के आधार पर असली आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.