UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाला एक मामला सामने आया है. यहाँ प्रयागराज में तैनात एक महिला दरोगा ने अपने ससुर पर जबरन दुष्कर्म करने और पति पर जानलेवा हमले करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला सब-इंस्पेक्टर का आरोप है कि खाकी वर्दी में होने के बावजूद स्थानीय पुलिस उसकी कोई फरियाद नहीं सुन रही है और वह न्याय के लिए भटक रही है. इस मामले के तूल पकड़ने के बाद अब पुलिस के अधिकारी एक्शन में आते दिख रहे हैं. काकोरी के एसीपी (ACP) शकील अहमद ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि महिला दरोगा की तहरीर मिल चुकी है और पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है, जिसके आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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ससुर पर बंदूक दिखाकर दुष्कर्म का आरोप
लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता की शादी 14 फरवरी 2025 को शुभम सिंह नाम के युवक के साथ हुई थी. पीड़िता अनुसूचित जाति (SC) से ताल्लुक रखती है, जबकि उसका पति ठाकुर समाज से है. आरोप है कि इस अंतरजातीय विवाह के बाद से ही ससुराल वाले उसे लगातार जातिसूचक शब्द कहकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे. उस पर आए दिन नौकरी छोड़ने का भारी दबाव बनाया जाता था और अपमानित किया जाता था. पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर उसे लाइसेंसी हथियार दिखाकर डराया-धमकाया गया और उसके ससुर ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया. जब उसने इस घिनौनी करतूत की जानकारी अपने पति को दी, तो उसने पत्नी का साथ देने के बजाय उसे पूरी तरह मुंह बंद रखने की धमकी दे डाली.
चूहे मारने का जहर खिलाया
पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर दे दी है. तहरीर के मुताबिक, 19 जनवरी 2026 को उसके पति ने उसकी मर्जी के खिलाफ जबरन शारीरिक संबंध बनाए. जब महिला दरोगा ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे जबरन चूहे मारने वाला जहर खिला दिया और कमरे में बंधक बना लिया. किसी तरह पीड़िता ने अपने पिता को फोन पर इसकी सूचना दी, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया. बात यहीं नहीं रुकी, जब पीड़िता के पिता इस मामले को सुलझाने और समझौते की बात करने बेटी के ससुराल पहुंचे, तो उनके साथ भी बेरहमी से मारपीट की गई. पति ने लोहे की रॉड से हमला कर दिया और रिवॉल्वर तान दी.
स्थानीय पुलिस पर मिलीभगत के आरोप
अभी हाल ही में 25 मई की सुबह पीड़िता के पति ने उसे जान से मारने के लिए फायरिंग कर दी. इस हमले में वह बाल-बाल बची और अपनी जान बचाने के लिए भागकर छत के रास्ते बाहर निकली. पीड़िता का गंभीर आरोप है कि इस आपबीती के बाद वह पिछले चार दिनों से लगातार लखनऊ के पारा थाने के चक्कर काट रही है, लेकिन पुलिस कोई सुनवाई नहीं की. उसने स्थानीय पुलिस पर अपने ससुराल वालों से मिलीभगत करने और घोर लापरवाही बरतने के सीधे आरोप लगाए हैं, जिसके बाद अब कमिश्नरेट पुलिस के उच्च अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं.
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