Ballia Crime News: विरोधियों को फंसाने के लिए खुद को मारी गोली, बलिया पुलिस ने खोली 'ऑपरेशन गोली' की पूरी साजिश

Ballia Fake Firing Case: बलिया में एक अपराधी आयुष राय ने अपने विरोधियों को फंसाने के लिए खुद पर ही गोली चलवा ली और पुलिस में झूठी शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों से इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया. अंततः, खुद को पीड़ित बताने वाला आयुष अब झूठा मुकदमा दर्ज कराने के आरोप में जेल में है.

Ballia Self Shooting Case

Newzo

• 09:59 AM • 03 Jun 2026

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Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है जिसे सुनकर कानून के रखवाले भी दंग रह गए. विरोधी पक्ष को गंभीर मुकदमे में फसाने और खुद को पीड़ित दिखाने के लिए एक शातिर अपराधी ने खुद पर ही गोली चलवा ली, लेकिन कहते हैं न, कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, पुलिस की नजरों से नहीं बच सकता. बलिया की सिकंदरपुर थाना पुलिस ने वैज्ञानिक और टेक्निकल साक्ष्यों के दम पर इस पूरी मनगढ़ंत साजिश का पर्दाफाश कर दिया है और घायल नाटकबाज को ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है.

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मामला 23 मई की रात की है. हरनाटार दयालपुर के रहने वाले सुनील राय ने 25 मई को सिकंदरपुर थाने में तहरीर दी थी. आरोप लगाया था कि अतुल प्रताप यादव, अरविंद शंकर, राजन यादव, भोलू यादव, सत्येंद्र यादव और धनंजय राय नाम के लोग दो पहिया वाहनों से आए और उनके दरवाजे पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने लगे. इस हमले में सुनील राय के बेटे आयुष राय उर्फ नारियल के बाएं हाथ में गोली लग गई. पुलिस ने शुरुआत में इस शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 191(2) और 109 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की.

बयान बदलने पर घूमी पुलिस की शक की सुई

जांच के दौरान जब पुलिस ने घायल आयुष और शिकायतकर्ता से पूछताछ की तो उनके बयानों में बार-बार विरोधाभास देखने को मिला. बार-बार बयान बदलने से पुलिस को दाल में कुछ काला नजर आया. इसके बाद सिकंदरपुर पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और टेक्निकल टीम की मदद ली. जब इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल सबूतों को खंगाला गया तो पूरी कहानी ही पलट गई. जिसे पुलिस पीड़ित समझ रही थी वहीं इस पूरे खेल का मास्टर माइंड निकला.

साजिश का पर्दाफाश, खुद ही रची थी ऑपरेशन गोली की स्क्रिप्ट

पुलिसिया तफसीर में यह साफ हो गया कि आयुष राय उर्फ नारियल ने अपने मऊ निवासी साथी रोबिन सिंह और अन्य के साथ मिलकर एक खौफनाक षड्यंत्र रचा था. विरोधियों पर दबाव बनाने और उन्हें जेल भिजवाने की नीयत से उसने खुद के ऊपर ही गोली चलवाई थी. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्त आयुष राय उर्फ नारियल कोई सीधा-साधा युवक नहीं है. उसके खिलाफ पहले से ही अलग-अलग थानों में छह गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज है. पुराने मुकदमों में खुद को लाभ पहुंचाने और विरोधियों को पूरी तरह से कुचलने के लिए उसने खुद को घायल करने का यह खतरनाक ड्रामा रचा था.

केस में बड़ा यू-टर्न, पीड़ित से सीधे बन मुलजिम

सबूत सामने आने के बाद पुलिस ने केस की दिशा बदल दी. हमले की फर्जी धाराओं 19(2), 109 बीएनएस को हटा दिया गया और इसकी जगह साजिश रचने, झूठे साक्ष्य गढ़ने और पुलिस को गुमराह करने की गंभीर धाराओं 61(2), 231, 233, 240 बीएनएस को जोड़ दिया गया. प्रभारी निरीक्षक सिकंदरपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जाल बिछाकर मुख्य आरोपी आयुष राय उर्फ नारियल को गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया है. इस मामले में क्षेत्राधिकार सिकंदरपुर रजनीश कुमार यादव ने बयान जारी कर इस पूरे मामले का पर्दाफाश किया.