Ballia Health News: जन औषधि केंद्र पर छापा, 28 तरह की दवाएं सीज; ड्रग इंस्पेक्टर की बड़ी कार्रवाई

Ballia news: बलिया में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर छापेमारी के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया. ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने नियमों के विपरीत बेची जा रही 28 प्रकार की दवाएं बरामद कर सीज कर दीं. शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई के बाद लाइसेंस निरस्तीकरण समेत कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है.

Jan Aushadhi Centre Raid

Newzo

• 05:07 PM • 01 Jun 2026

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 Ballia news: बलिया से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है. जहां स्वास्थ्य विभाग और औषधि प्रशासन की टीम ने बड़ी कार्रवाई की करते हुए  कोतवाली थाना क्षेत्र के कुंवर सिंह चौराहे के समीप प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र पर अचानक छापेमारी की गई. जहां नियमों को ताक पर रखकर गैर अधिकृत दवाइयां बेचीं जा रही थी. ड्रग इंस्पेक्टर रजत पांडेय की अगुवाई में हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है.

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दरअसल औषधि विभाग को लगातार आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत मिल रही थी की कुंवर सिंह डिग्री कॉलेज के पास स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर सरकारी नियमों का उल्लंघन हो रहा है. केंद्र पर प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत मिलने वाली सस्ती दवाओं के अलावा अन्य जेनेरिक और कमर्शियल दवाईयां भी बेची जा रही थी जो की पूरी तरह से गैर कानूनी है.

गुप्त सूचना के आधार पर ड्रग इंस्पेक्टर रजत पांडेय ने अपनी टीम के साथ दुकान पर अचानक छापेमारी की. जांच के दौरान दुकान से लगभग 28 प्रकार की ऐसी जेनेरिक दवाइयां बरामद की गई जो जन औषधि केंद्र के तहत अनुमन्य नहीं है. टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन सभी दवाओं को अपनी अभिरक्षा में ले लिया है और संचालक से दवाओं के क्रय विक्रय का रिकॉर्ड मांगा है.

बताया प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के लिए जो शपथ पत्र दिया जाता है उसमें साफ तौर पर यह नियम और शर्त होती है की दुकान पर केवल और केवल जन औषधि केंद्र की दवाइयां बेची जाएंगी. हमें आईजीआरएस पर शिकायत मिली थी जिसके बाद छापेमारी की गई और यहां से 28 जेनेरिक दवाईयां बरामद की गई है. फिलहाल इन्हें कब्जे में ले लिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है.

ड्रग इंस्पेक्टर के मुताबिक जन औषधि केंद्र के संचालक ने किसी आपसी समझौते या एग्रीमेंट का हवाला जरूर दिया है, लेकिन वह 1 घंटे की लंबी पूछताछ और जांच के बाद भी कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका. अधिकारियों का कहना है कि यदि संचालक सही कागजात नहीं दिखा पता है तो केंद्र का लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.