villagers protest Ballia: बलिया के जमुआ गांव में नगर पालिका द्वारा कूड़ा डंप कर जलाने से जहरीला धुआं फैल रहा है, जिससे ग्रामीणों को सांस लेने में दिक्कत और स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं. ग्रामीणों ने DM से शिकायत कर जांच, कचरा जलाने पर रोक और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है.
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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से प्रदूषण और जन स्वास्थ्य से जुड़ी एक बेहद गंभीर खबर मामला सामने आ रही है. जिले के जमुआ गांव के पास हो रही अवैध कूड़ा डंपिंग और उसे जलाए जाने से उठने वाले जहरीले धुएं ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है. इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय छात्र नेता रमेश गिरी के साथ बड़ी संख्या में ग्राम वासियों ने जिला अधिकारी बलिया को एक शिकायती पत्र सौंप पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
जमुआ गांव के ग्रामीणों का आरोप हैं कि नगर पालिका परिषद बलिया द्वारा ग्राम सभा की आबादी के बिल्कुल नजदीक भारी मात्रा में शहर का कूड़ा डंप किया जा रहा है. हद तो तब हो जाती है जब नगर पालिका के कर्मचारी ही प्रतिदिन इस डंप किए गए कूड़े में आग लगा देते हैं. इससे निकलने वाला दमघोंटू और जहरीला धुआं पूरे गांव में फैल जाता है.
भीषण गर्मी के इस मौसम में ग्रामीणों की स्थिति बद से बदतर हो गई है. छात्र नेता रमेश गिरी और ग्रामीणों ने बताया कि जहरीले धुएं के कारण बच्चों महिलाओं और बुजुर्गों को सांस लेने में तकलीफ, लगातार खांसी और आंखों में जलन जैसी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है. धुएं और बदबू के कारण लोग इस भीषण गर्मी में भी अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने को मजबूर है. जिसके बाद भी उन्हें कोई राहत नहीं मिल पा रहा है. रमेश गिरी ने कहा कि नगर पालिका के इस लापरवाही से पूरे गांव में गहरा रोज है. अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने पर भी बस होंगे.
ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने चार मांगे रखी, उन्होंने कहा जमुआ गांव के निकट की जा रही कूड़ा डंपिंग की तत्काल उच्च स्तरीय जांच कराई जाए. कूड़ा जलाने की गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक लगाई जाए. इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उन पर कड़ी कार्रवाई हो. ग्राम वासियों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कदम उठाया जाए.
ग्रामीणों में साफ चेतावनी दी है कि यदि इस जन समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वह सड़क पर उतर कर अपनी आवाज उठाने के लिए बाध्य होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी. अब देखना यह होगा कि बलिया प्रशासन इस पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और जमुआ गांव के लोगों को इस जहरीले धुएं से कब तक मुक्ति मिली है हालांकि डीएम ने मामले की जांच करा कर दोषियों पर कार्यवाही का आश्वासन दिया है.
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