प्रयागराज में बुजुर्ग दंपति अरुण और मीना श्रीवास्तव के मर्डर के 50 घंटे बाद भी इनके मोबाइल ऑन! अबतक क्या पता चला?

आनंद राज

30 Apr 2025 (अपडेटेड: 30 Apr 2025, 04:26 PM)

Prayagraj Crime News: प्रयागराज के नैनी के एडीए कॉलोनी में बुजुर्ग दंपति अरुण कुमार श्रीवास्तव और उनकी पत्नी मीना श्रीवास्तव की निर्मम हत्या को 50 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि दोनों के मोबाइल अब भी ऑन हैं.

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Prayagraj News:प्रयागराज के नैनी के एडीए कॉलोनी में बुजुर्ग दंपति अरुण कुमार श्रीवास्तव और उनकी पत्नी मीना श्रीवास्तव की निर्मम हत्या को 50 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि दोनों के मोबाइल अब भी ऑन हैं. पुलिस इस तकनीकी पहलू को बेहद गंभीर मान रही है और इसी आधार पर हत्यारे की लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश कर रही है.

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सीसीटीवी में नजर आया कातिल?

पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में एक युवक बुजुर्ग दंपति के घर में घुसता हुआ दिखता है और लगभग डेढ़ घंटे बाद गमछा लपेटे, हाथ में झोला लिए हुए बाहर निकलता है. उसके निकलते वक्त घर का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया गया था, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यही वह व्यक्ति हो सकता है, जिसने इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया.

कैसे हुआ वारदात का खुलासा?

नीचे के कमरे में रहने वाले छात्र ने जब बाहर जाने के लिए दरवाजा खोलना चाहा तो वह बाहर से बंद मिला. शक होने पर वह ऊपर बुजुर्ग दंपति के घर गया, जहां खून से सने शव देख कर वह चीख पड़ा. आस-पड़ोस के लोग इकट्ठा हो गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. अस्पताल ले जाते वक्त मीना श्रीवास्तव की भी मौत हो गई, जबकि अरुण श्रीवास्तव की पहले ही मौत हो चुकी थी.

कैसे की गई हत्या?

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, हत्यारा लोहे के किसी भारी औजार से हमला करने के इरादे से पहले से तैयार होकर आया था. उसने सबसे पहले घर की महिला सदस्य मीना श्रीवास्तव पर पीछे के कमरे में हमला किया, फिर आगे के कमरे में मौजूद अरुण श्रीवास्तव की हत्या की. खून के धब्बे और दीवारों पर पड़े निशान बताते हैं कि हमला बेहद क्रूर और योजनाबद्ध था.

हत्या के बाद की गई सफाई

हत्या के बाद आरोपी ने बेसिन और बाल्टी में हथियार और अपने हाथ साफ किए, फिर सारे सबूत समेट कर गमछे से चेहरा ढंककर बाहर निकला और दरवाजे को ताला लगाकर फरार हो गया. उसका यह पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुआ है. पुलिस को शक है कि हत्या के पीछे लूट की मंशा हो सकती है. अलमारी से पैसे और कुछ जेवरात गायब हैं. तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा था और घर में कुछ बिजली मरम्मत के लिए लोग आते-जाते थे. पुलिस ने इन मजदूरों से भी पूछताछ शुरू कर दी है.

मोबाइल ऑन होने से बढ़ी उम्मीदें

घटना के बाद से ही दंपति के मोबाइल फोन गायब हैं, लेकिन पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों फोन अभी भी ऑन हैं. संभवतः हत्यारा मोबाइल अपने साथ ले गया और उसने इन्हें कहीं फेंक दिया है. पुलिस सर्विलांस की मदद से मोबाइल की लोकेशन ट्रैक कर रही है. 

 

 

मृतक दंपति के तीन बेटियां और एक बेटा हैं, जिनमें बेटा मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक बैंक में कार्यरत है. बेटा अक्सर वीकेंड पर माता-पिता से मिलने आता था. इस हत्याकांड के बाद परिवार में मातम पसरा है और स्थानीय लोगों में गहरी चिंता और आक्रोश है. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को आधार बनाकर संभावित आरोपी की तलाश तेज कर दी है. एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड, और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट को मौके पर बुलाया गया है. पुलिस अधिकारी मानते हैं कि बहुत जल्द इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली जाएगी.