Tehsildar Rakhi Sharma: फिरोजाबाद की टुंडला तहसील में तैनात तहसीलदार राखी शर्मा ने DM रमेश रंजन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. राखी शर्मा ने डीएम पर भ्रष्टाचार, मानसिक उत्पीड़न और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया है. इस खुलासे के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. सरकार ने कार्रवाई करते हुए तहसीलदार राखी शर्मा को लखनऊ संबद्ध कर दिया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं.
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क्या है पूरा मामला
तहसीलदार राखी शर्मा ने दावा किया कि उन्होंने अपनी तहसील में तैनात बाबुओं के एक भ्रष्ट गैंग के खिलाफ जांच की थी. राखी का आरोप है कि जिलाधिकारी और उनके ओएसडी लगातार उनपर दबाव बना रहे थे कि वे रिपोर्ट में सब कुछ नेगेटिव दिखाएं. जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया तो उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया गया. राखी के अनुसार उनका वेतन करीब 8 महीने तक रोक दिया गया था जिसे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद ही जारी किया गया.
'कैंप ऑफिस में बंधक बनाने का आरोप'
राखी शर्मा ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की तो उन्हें देर रात कैंप कार्यालय में बुलाया गया. आरोप है कि इस दौरान उन्हें याचिका वापस लेने के लिए दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया. उन्होंने इस घटना का गवाह एसडीएम और अन्य अधिकारियों को बताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि डीएम द्वारा उनसे अनैतिक डिमांड्स (जैसे मोबाइल और आई-वॉच की मांग) की जाती थीं और न मानने पर उन्हें फर्जी जांचों में फंसाने की धमकी दी जाती थी.
'फेक एआई वीडियो से किया गया ट्रोल'
तहसीलदार का दावा है कि डीएम ने एक कथित पत्रकार के माध्यम से उनके खिलाफ फेक एआई जनरेटेड वीडियो चलवाकर उन्हें दो महीने से लगातार ट्रोल कराया. उन्होंने कहा कि 'यह लड़ाई केवल एक जिलाधिकारी से नहीं बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ है. मेरा करियर और आत्मसम्मान दांव पर है. इसलिए मुझे मीडिया के सामने आना पड़ा.' राखी ने कहा कि उनके पास न्याय पाने के लिए यह अंतिम विकल्प बचा था.
निष्पक्ष जांच की मांग कर रही हैं राखी
मामले के तूल पकड़ने के बाद शासन ने तहसीलदार राखी शर्मा को लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है. इस पूरे प्रकरण की जांच मंडलायुक्त (कमिश्नर) लखनऊ को सौंपी गई है. उधर जिलाधिकारी रमेश रंजन के पक्ष से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. राखी शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निवेदन किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अगर वे गलत हैं तो उन पर कार्रवाई हो अन्यथा भ्रष्ट अधिकारियों को दंडित किया जाए.
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