ट्रैन की टॉयलेट में जा रहे थे आशुतोष ब्रह्मचारी, तभी किसी ने उनकी नाक पर बोला हमला फिर उन्होंने ये किया

UP News: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के वादी आशुतोष ब्रह्मचारी पर रीवा एक्सप्रेस में जानलेवा हमला. नाक काटने की कोशिश का आरोप, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर साजिश का शक. जीआरपी जांच में जुटी.

आशुतोष महाराज पर जानलेवा हमला.

कुमार अभिषेक

08 Mar 2026 (अपडेटेड: 08 Mar 2026, 11:09 AM)

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श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के मुख्य वादी आशुतोष ब्रह्मचारी पर चलती ट्रेन में जानलेवा हमला होने की खबर ने सनसनी फैला दी है. प्रयागराज आ रही रीवा एक्सप्रेस में हुए इस हमले में आशुतोष ब्रह्मचारी बाल-बाल बचे हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि उन पर धारदार हथियार से हमला कर उनकी नाक काटने की कोशिश की गई. इस हमले के पीछे उन्होंने एक बड़ी साजिश की ओर इशारा किया है. इस मामले में उन्होंने प्रयागराज के जीआरपी (GRP) थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है.

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ट्रेन के शौचालय के पास हुआ हमला

आशुतोष ब्रह्मचारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब ट्रेन फतेहपुर और सिराथू स्टेशन के बीच थी. वे अपने डिब्बे से उठकर शौचालय की ओर जा रहे थे, तभी एक अज्ञात हमलावर ने उन पर धारदार हथियार से हमला बोल दिया. ब्रह्मचारी का आरोप है कि हमलावर का सीधा निशाना उनकी नाक थी. उन्होंने बताया कि अचानक हुए इस हमले से वे हतप्रभ रह गए लेकिन किसी तरह हिम्मत जुटाकर हमलावर का सामना किया. अपनी जान बचाने के लिए वे तुरंत ट्रेन के बाथरूम में घुस गए और खुद को अंदर से लॉक कर लिया.

21 लाख के इनाम और साजिश का दावा

इस हमले को आशुतोष ब्रह्मचारी ने महज एक आकस्मिक घटना नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश करार दिया है. उन्होंने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी नाक काटने के लिए पहले से ही 21 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी. उनका दावा है कि यह हमला उसी ईनामी घोषणा का परिणाम है. ब्रह्मचारी ने सीधे तौर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगियों पर इस साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है.

कोर्ट की पैरवी के लिए जा रहे थे प्रयागराज

आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया कि वे दो महत्वपूर्ण कानूनी मामलों की पैरवी के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट जा रहे थे. उन्होंने बताया कि एक नाबालिग के यौन शोषण और लैंगिक अपराध से जुड़ी याचिका पर उन्हें कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना था. इस मामले में 12 तारीख को अहम सुनवाई होनी है, जिसकी तैयारी और पैरवी के सिलसिले में उनका प्रयागराज पहुंचना अनिवार्य था.

ब्रह्मचारी ने सवाल उठाया कि 'जिस व्यक्ति ने नाबालिग बटुकों के साथ इतना बड़ा अपराध किया, उसे कैसे छूट मिल रही है? पुलिस पर दबाव बनाया जा रहा है और मुझ पर जानलेवा हमले कराए जा रहे हैं."

जीआरपी पुलिस की कार्रवाई और जांच

हमले के बाद प्रयागराज पहुंचते ही आशुतोष ब्रह्मचारी जीआरपी थाने पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने उन्हें तत्काल मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा, जहां उनकी चोटों की जांच की गई. जीआरपी के अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है क्योंकि इसमें श्रीकृष्ण जन्मभूमि जैसे बड़े प्रकरण के वादी शामिल हैं.

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हमलावर सिराथू या फतेहपुर में से किस स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ा और वारदात को अंजाम देने के बाद वह कहाँ गायब हुआ. साथ ही, उन दावों की भी पुष्टि की जा रही है जिनमें साजिश और इनाम की बात कही गई है.

इलाके में तनाव और सुरक्षा की मांग

चलती ट्रेन में इस तरह के हमले ने यात्रियों के बीच भी दहशत पैदा कर दी है. आशुतोष ब्रह्मचारी ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. इस घटना के बाद उनके समर्थकों में आक्रोश है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा जा रहा है.