प्रयागराज में मौत का एक ऐसा पास्ता तैयार होगा, किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था. करेली की चाट वाली गली में रहने वाले पप्पू जायसवाल ने बेवजह की अपनी शक की आग में पूरे परिवार को भस्म कर दिया. यह कहानी एक ऐसे पिता की है, जिसके दिमाग में शक का कीड़ा इस कदर रेंग रहा था कि उसने मां-बेटे के रिश्ते की ही हत्या कर दी.
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पप्पू ने पास्ता में मिला दिया था जहर
शुक्रवार की रात थी. पप्पू जायसवाल नशे में धुत्त था. उसका 18 साल का बेटा प्रियांशु दिन भर सब्जी बेचकर घर आया था. उस रात घर में पास्ता बना था. प्रियांशु को क्या मालूम था कि पिता ने उसी पास्ता में जहर घोल दिया है. बेटे ने पास्ता खाया और बेखबर होकर छत पर गहरी नींद में सो गया.
तड़के करीब 4 बजे जब पूरी दुनिया सपनों में थी, तब पप्पू हैवान बन बैठा. वह दबे पांव छत पर पहुंचा और सो रहे प्रियांशु के सिर पर भारी वार किया. अधमरे बेटे को वह घसीटते हुए कमरे में लाया और फिर एक तेज धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया. प्रियांशु की सांसें थम गईं, लेकिन पप्पू की सनक शांत नहीं हुई.
कत्ल के पीछे की वजह बहुत घिनौनी है!
इस कत्ल के पीछे की वजह इतनी घिनौनी थी कि सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए. पप्पू को शक था कि उसकी पत्नी और सगे बेटे प्रियांशु के बीच अवैध संबंध हैं. वह अक्सर अपने छोटे बच्चों से पूछता था कि 'मम्मी खिड़की बंद करके भैया के साथ क्या करती है?' इसी गंदी सोच ने उसे हत्यारा बना दिया. उसने उस बेटे को मार डाला जो मेहनत मजदूरी कर उसे खिलाता था.
वारदात के बाद भी नहीं रुका था पप्पू
वारदात के बाद पप्पू ने बेरहमी की सारी हदें पार कर दीं. उसने अपने अन्य छोटे बच्चों को उसी खूनी कमरे में बंद किया, बाहर से ताला लगाया और फरार हो गया. बच्चों को धमकी दी कि शोर मचाया तो उन्हें भी काट डालेगा. काफी देर बाद जब बच्चों ने हिम्मत जुटाकर शोर मचाया, तब पड़ोसियों ने पुलिस को बुलाया. ताला खुला तो अंदर का मंजर देख पुलिस वालों की भी रूह कांप गई.
फिलहाल, पुलिस ने पप्पू जायसवाल को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. हर जुबान पर बस एक ही सवाल है कि कोई पिता इतना गिर कैसे सकता है? बेबस मां की आंखों के आंसू नहीं सूख रहे, जो अपने ही सुहाग के हाथों अपने लाल के कत्ल की गवाह बनी है.
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