FIR हो गई दर्ज... हरदोई में छात्र की मां को 'यू शटआप' कहने वाली प्रिंसिपल ने अब कहा- सॉरी, ये सब बातें भी सामने आईं

Hardoi News: हरदोई के सनबीम पब्लिक स्कूल में अभिभावक से गाली-गलौज के बाद प्रिंसिपल पर एफआईआर दर्ज. एबीवीपी के प्रदर्शन के बाद बीएसए ने स्कूल की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की.

Hardoi News

प्रशांत पाठक

28 Apr 2026 (अपडेटेड: 28 Apr 2026, 11:45 AM)

follow google news

Hardoi News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक स्कूल की प्रिंसिपल द्वारा अभिभावक के साथ बदसलूकी और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का मामला अब तूल पकड़ चुका है. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने सनबीम पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल ममता मिश्रा और प्रबंधक के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. इस घटना ने शहर के शैक्षणिक माहौल में हड़कंप मचा दिया है.

यह भी पढ़ें...

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

24 अप्रैल को स्कूल परिसर में अभिभावक नीलम वर्मा के साथ हुई गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. 26 अप्रैल को घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया. पुलिस ने BNS की धारा 352 और एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) के तहत मामला दर्ज किया है. साथ ही, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने स्कूल की मान्यता रद्द करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है.

क्या है विवाद की जड़?

सिविल लाइन निवासी नीलम वर्मा अपनी बेटी की कॉपियों और फीस के सिलसिले में स्कूल गई थीं. आरोप है कि वहां उन पर आर्थिक दबाव बनाया गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया. मामला तब और बिगड़ गया जब प्रिंसिपल और अभिभावक के बीच हुई बहस का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया. इस घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर भारी विरोध प्रदर्शन किया.

प्रिंसिपल की सफाई- 'यह एक षड्यंत्र है'

विवाद गहराने पर प्रिंसिपल ममता मिश्रा ने अपना पक्ष रखा है. उन्होंने स्वीकार किया कि वैक्सीनेशन के दौरान काम के दबाव में वे चिल्लाई थीं और इसके लिए उन्होंने माफी भी मांगी. हालांकि, उन्होंने जातिसूचक टिप्पणी के आरोपों को खारिज करते हुए इसे स्कूल की छवि खराब करने का षड्यंत्र बताया. उनका दावा है कि अभिभावक ने केवल 500 रुपये फीस दी थी और वे काफी देर से शिक्षकों को परेशान कर रही थीं. उन्होंने सच्चाई सामने लाने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की है.

बीएसए डॉ. अजीत सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है और स्कूल प्रबंधक के परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी है. एबीवीपी के प्रदेश मंत्री अर्पण कुशवाहा ने मांग की है कि जिला प्रशासन एक ऐसी कमेटी बनाए जो स्कूलों द्वारा अवैध फीस वृद्धि और कॉपियों के लिए बनाए जाने वाले दबाव पर नकेल कस सके. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय के भवन मानकों और संचालन की भी गहन जांच की जाएगी.