अजय पाल शर्मा VS जहांगीर खान... यूपी के IPS अधिकारी की चेतावनी के बाद TMC उम्मीदवार ने क्या दी धमकी, मामला कहां तक पहंचा?

IPS Ajay Pal Sharma News: बंगाल चुनाव में ऑब्जर्वर IPS अजय पाल शर्मा की चेतावनी पर TMC प्रत्याशी जहांगीर खान का 'खेला' वाला पलटवार. अखिलेश यादव ने IPS को बताया 'एजेंटों का एजेंट'. क्या है पूरा विवाद.

तस्वीर में जहांगीर खान और IPS अजय पाल शर्मा

यूपी तक

28 Apr 2026 (अपडेटेड: 28 Apr 2026, 12:35 PM)

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IPS Ajay Pal Sharma News: बंगाल चुनाव के बीच इस वक्त दो नामों की खूब चर्चा है. एक नाम अजय पाल शर्मा का है तो दूसरा जहांगीर खान का. अजय पाल शर्मा यूपी कैडर के साल 2011 बैच के IPS अधिकारी हैं. वहीं, बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC ने जहांगीर खान को अपना प्रत्याशी बनाया है. अब आपके मन में सवाल आएगा कि आखिर दोनों के बीच विवाद की जड़ क्या है? दरअसल, सोमवार को IPS अजय पाल शर्मा का एक वीडियो सामने आया. इस वीडियो में उन्होंने जहांगीर खान को गड़बड़ी करने पर देख लेने की चेतावनी दी. इसके बाद जहांगीर का इसपर रिएक्शन सामने आया और उन्होंने कहा कि खेला उन्होंने शुरू किया है, लेकिन खत्म हम करेंगे. दोनों के इन विस्फोटक बयानों के बाद राजनीति भी तेज हो गई है. इस मसले पर सपा चीफ अखिलेश यादव ने बिना नाम लेते हुए अजय पाल शर्मा पर तीख हमला बोला है. 

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सबसे पहले जानिए अजय पाल शर्मा ने क्या कहा था?

इस पूरे विवाद की जड़ वह वीडियो है, जिसमें IPS अजय पाल शर्मा जहांगीर खान के घर के बाहर उनके परिजनों को धमकाते दिखे थे. अजय पाल शर्मा ने कड़क आवाज में कहा था कि अगर जनता को परेशान करने या धमकाने की खबरें आईं, तो वे 'कायदे से खबर' लेंगे और फिर बाद में कोई रोना-पछताना काम नहीं आएगा. अजय पाल शर्मा ने जहांगीर की सुरक्षा में तैनात अतिरिक्त 4 जवानों को लेकर भी स्थानीय एसपी को नोटिस थमाया था, जिसके बाद से ही टीएमसी खेमे में भारी नाराजगी देखी जा रही है. मालूम हो कि बंगाल चुनाव के लिए अजय पाल शर्मा को चुनाव आयोग ने पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. 

'धमकी भरे' रिएक्शन में जहांगीर खान ने क्या कहा?

जहांगीर खान ने एक जनसभा के दौरान अजय पाल शर्मा और केंद्रीय सुरक्षा बलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ये लोग बहुत खेला दिखा रहे हैं. उन्होंने गरजते हुए कहा कि पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त, अभी तो खेल शुरू हुआ है. जहांगीर ने आगे कहा कि अगर आप सोच रहे हैं कि कुछ सीआरपीएफ के जवानों को लेकर डिंगें हांकेंगे, तो यह आपकी भूल है. उन्होंने केंद्रीय बलों को 'बीजेपी का दलाल' तक कह डाला और चेतावनी दी कि अगर यहां का जनसमुद्र पैदल चल दे, तो विपक्षी हवा में उड़ जाएंगे. जहांगीर ने कड़े शब्दों में कहा कि यहां की हर महिला मां दुर्गा का रूप है और उन्हें पता है कि असुरों का वध कैसे करना है और सीआरपीएफ को कैसे 'टाइट' करना है.  

'ये खोज के लाए जाएंगे, खोद के लाए जाएंगे'

इस घटनाक्रम के बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए बेहद तीखा हमला बोला है. अखिलेश यादव ने X पर लिखा, "प. बंगाल में भाजपा ने ऑब्जवर के नाम पर रामपुर व संभल में टेस्ट किये हुए अपने एजेंट भेजे हैं लेकिन इनसे कुछ होने वाला नहीं. दीदी हैं, दीदी रहेंगी! सही समय आने पर भाजपा और उनके संगी-साथियों के इन जैसे ‘एजेंडों के एजेंटों’ की सारी आपराधिक करतूतों की गहरी जांच होगी और बेहद सख़्त दंडात्मक कार्रवाई भी. ये सब अधिकारी के रूप में अनरजिस्टर्ड लोगों के अनरजिस्टर्ड अंडरग्राउंड सदस्य हैं. हम न इन्हें भागने देंगे, न भूमिगत होने देंगे. ये खोज के लाए जाएंगे, खोद के लाए जाएंगे और अपने कुकृत्यों के लिए क़ानूनी सज़ा भी पाएंगे. लोकतंत्र के अपराधी बख़्शे नहीं जाएंगे!"

कौन हैं IPS अजय पाल शर्मा?

यूपी कैडर के 2011 बैच के IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा की पहचान एक सख्त और दबंग पुलिस अफसर की है. पंजाब के लुधियाना के रहने वाले अजय पाल मूल रूप से एक डेंटिस्ट (BDS) थे, लेकिन बाद में उन्होंने सिविल सेवा में आकर पुलिस की वर्दी चुनी.

यूपी के शामली, नोएडा और रामपुर जैसे जिलों में तैनाती के दौरान उन्होंने 100 से अधिक एनकाउंटर (मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार) किए. योगी सरकार के पहले कार्यकाल में नोएडा SSP के रूप में उनकी कार्यशैली की काफी चर्चा रही. फिलहाल वे प्रयागराज में ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर के पद पर तैनात हैं और 2026 बंगाल चुनाव में निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

बंगाल में 29 अप्रैल को है दूसरे चरण का मतदान

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान हो चुका है. कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़ दिया जाए तो प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही. अब 29 अप्रैल को दूसरे चरण के तहत कोलकाता सहित 142 सीटों पर मतदान होना है. इन सीटों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने पुलिस पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है, जिनमें अजय पाल शर्मा का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है.