Prayagraj Murder Case Update: प्रयागराज के साउथ मलाका इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की बेरहमी से की गई हत्या मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा कर दिया है. पुलिस जांच में साफ हुआ है कि इस सामूहिक हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई बाहरी नहीं बल्कि परिवार का बेटा अभिषेक वैश्य ही था. कर्ज में डूबे अभिषेक ने अपने दुकानदार दोस्त सनी गुप्ता के साथ मिलकर पहले अपने माता-पिता और बहन की बेरहमी से हत्या की और घर में रखे करीब डेढ़ करोड़ के जेवरात लूट लिए. लेकिन वारदात के बाद सोने के बंटवारे को लेकर दोनों दोस्तों में विवाद हो गया जिसके बाद सनी गुप्ता ने अभिषेक की भी हत्या कर दी. पुलिस ने हत्यारोपी सनी गुप्ता को गिरफ्तार कर उसके पास से लूटे गए आभूषण और आला-कत्ल बरामद कर लिया है.
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बीयर-कचौड़ी पार्टी के बाद रची गई खौफनाक साजिश
प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार, एडिशनल सीपी अजय पाल शर्मा और डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य ने संयुक्त रूप से इस जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश किया. पुलिस के मुताबिक, मृतक कारोबारी वीरेंद्र वैश्य के मकान में ही मुट्ठीगंज का रहने वाला आरोपी सनी गुप्ता की दुकान थी. वीरेंद्र का 40 साल का बेटा अभिषेक भारी कर्ज में डूबा था और पिता ने उसे संपत्ति से बेदखल कर दिया था जिसे लेकर घर में अक्सर विवाद होता था. 31 मई की शाम को अभिषेक और सनी गुप्ता ने दुकान के बाहर करीब दो घंटे तक साथ में बीयर पी और कचौड़ी खाई. इसके बाद दोनों ने पूरे परिवार को खत्म कर दौलत लूटने का खौफनाक प्लान बनाया.
पहले सीढ़ियों पर बहन को काटा फिर माता-पिता की कर दी हत्या
पुलिस पूछताछ में आरोपी सनी गुप्ता ने बताया कि 31 मई की शाम करीब 5 बजे जब वीरेंद्र वैश्य की 45 वर्षीय बेटी मीनाक्षी दुकान खोलने नीचे आ रही थी तो दोनों ने सबसे पहले सीढ़ियों पर ही उसकी हत्या कर दी और लाश घसीटकर ऊपर ले गए. इसके बाद दोनों कमरे में दाखिल हुए और बेड पर सो रहे 70 साल के पिता वीरेंद्र वैश्य और 65 साल मां अनीता वैश्य के सिर पर लोहे के पाइप से ताबड़तोड़ प्रहार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया. तिजोरी साफ करने के बाद दोनों नीचे दुकान में आकर जेवरात का बंटवारा करने लगे.
'जो अपने मां-बाप का नहीं हुआ, मेरा क्या होगा'
हत्याकांड के बाद दुकान के अंदर जब लूटे गए सोने-चांदी के बंटवारे को लेकर अभिषेक और सनी के बीच विवाद बढ़ा तो सनी गुप्ता के मन में डर बैठ गया. सनी ने सोचा कि जो लड़का अपने सगे मां-बाप और बहन का नहीं हुआ वह कल को उसे भी मार सकता है. इसी खौफ में सनी गुप्ता ने लोहे के पाइप से हमला कर अपने साथी अभिषेक वैश्य की भी हत्या कर दी. अभिषेक की लाश को दुकान के अंदर छिपाकर सनी ने पहचान मिटाने के लिए उस पर टॉयलेट साफ करने वाला तेजाब डाल दिया. आरोपी ने घर और दुकान में फैले खून को भी साफ किया ताकि किसी को शक न हो.
गुमराह करने के लिए लिखा था 'बंटी-बबली और बहू' का मैसेज
मंगलवार शाम जब बंद घर और दुकान का ताला तोड़कर दो-तीन दिन पुराने क्षत-विक्षत शव बरामद हुए तो कमरे में एक गत्ते पर लाल पेन से लिखा मिला था 'बंटी-बबली और बहू ने मारा'. पुलिस कमिश्नर ने बताया कि यह संदेश पूरी तरह से पुलिस को गुमराह करने और जांच भटकाने के लिए लिखा गया था. पुलिस की 5 टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सनी गुप्ता को उसके मुट्ठीगंज स्थित आवास से दबोच लिया. पुलिस ने अभियुक्त के पास से लोहे का पाइप, ₹1000 नकद और लूटे गए आभूषण बरामद किए हैं जिसमें 1002.12 ग्राम पीली धातु (सोना) और 360.26 ग्राम सफेद धातु (चांदी) शामिल है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद जेवरात की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये आंकी जा रही है.
भांजे की तहरीर पर मुकदमा दर्ज
इस मामले में मृतक वीरेंद्र वैश्य के भांजे मंजीत केसरवानी की लिखित तहरीर पर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था. अब आरोपी की गिरफ्तारी और भारी मात्रा में आभूषणों की बरामदगी के बाद पुलिस ने मुकदमे में डकैती/लूट की सुसंगत धाराओं को भी जोड़ दिया है. पुलिस आरोपी को जेल भेजने के साथ ही इस मामले में आगे की सख्त विधिक कार्रवाई कर रही है.
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