Varanasi News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में देर रात जिला प्रशासन और रेलवे ने संयुक्त रूप से एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. काशी रेलवे स्टेशन को मल्टी इंटर मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करने की राह में बाधक बन रहे अतिक्रमण पर आधी रात को प्रशासन का बुलडोजर चला. महज एक घंटे से भी कम समय में रेलवे की भूमि पर बने एक हनुमान मंदिर, अजगैब शहीद मस्जिद और कब्रिस्तान के कुछ हिस्सों को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया. कार्रवाई की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे एक किलोमीटर के दायरे को पुलिस,पीएसी और आरपीएफ ने घेरकर छावनी में तब्दील कर दिया था. इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे और किसी को भी घटना स्थल की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई.
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हनुमान मंदिर के बाद मस्जिद पर चला बुलडोजर
स्थानीय सूत्रों और अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह हाई-प्रोफाइल कार्रवाई आदमपुर थाना क्षेत्र के राजघाट पुलिस चौकी के नजदीक की गई. देर रात प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल और बुलडोजर मशीनों के साथ मौके पर पहुंचा. सबसे पहले रेलवे की जमीन पर बने हनुमान मंदिर को ढहाया गया. इसके तुरंत बाद अजगैब शहीद मस्जिद और कब्रिस्तान की जमीन पर बने निर्माण को भी बुलडोजर ने जमींदोज कर दिया. कार्रवाई इतनी तेजी से की गई कि लगभग एक घंटे के भीतर पूरा इलाका समतल कर दिया गया. मौके पर मौजूद उच्च अधिकारियों ने इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर मीडिया के सामने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया.
47 एकड़ से अधिक भूमि पर प्रस्तावित है महापरियोजना
रेलवे प्रशासन के अनुसार, काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए कुल 47.26 एकड़ भूमि पर निर्माण कार्य प्रस्तावित है. इसी विकास कार्य के क्रम में मालगोदाम क्षेत्र, भदऊ, भदऊ चुंगी रेलवे डाट पुल, अजगैब शहीद मस्जिद और पलंग शहीद मस्जिद के आसपास की कुछ जमीनों को लेकर रेलवे और स्थानीय पक्षों के बीच लंबे समय से कानूनी और प्रशासनिक विवाद चल रहा था. हालांकि परियोजना को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना है इसलिए रेलवे ने अपने स्वामित्व वाली भूमि से इस बाधा को हटाने के लिए आधी रात का वक्त चुना.
क्या है मल्टी मॉडल स्टेशन प्रोजेक्ट?
वाराणसी के काशी रेलवे स्टेशन को अब पूरी तरह बदलकर देश के सबसे आधुनिक 'मल्टी मॉडल इंटर मॉडल स्टेशन' के रूप में विकसित किया जा रहा है. ₹336 करोड़ से अधिक की भारी-भरकम लागत वाले इस ड्रीम प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को ट्रेन, बस और जल परिवहन की विश्वस्तरीय सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराना है.
एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं
यह स्टेशन किसी आधुनिक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की तर्ज पर तैयार होगा जहां अलग-अलग लेवल्स पर ट्रेन और अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) की कनेक्टिविटी होगी. गंगा नदी के पूर्वी तट पर स्थित होने के कारण इस स्टेशन से क्रूज़ और बोट (जल परिवहन) के जरिए सीधे नमो घाट और काशी के अन्य प्रसिद्ध घाटों तक पहुंचा जा सकेगा. यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन परिसर में अंडरग्राउंड प्लेटफॉर्म, आधुनिक टिकट काउंटर, फूड प्लाजा, शॉपिंग आर्केड और लाउंज/रिटायरिंग रूम बनाए जाएंगे. इस मेगा प्रोजेक्ट के पूरा होने से न केवल वाराणसी शहर को ट्रैफिक जाम की समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी एक नई रफ्तार मिलेगी. इसी भव्य निर्माण को गति देने के लिए प्रशासन ने इस अतिक्रमण हटाओ अभियान को अंजाम दिया है.
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