19 करोड़ की 19 Kg हाइड्रोपोनिक गांजा लेकर बैंकॉक से वाराणसी पहुंचीं 3 थाई महिलाएं, बाद में जो राज खुला जानकर उड़ जाएंगे आपके होश!

Varanasi Airport Hydroponic Cannabis Smuggling: उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है.

Varanasi Airport Drug Smuggling Case (Photo: Representational)

यूपी तक

• 08:01 AM • 02 Jun 2026

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Varanasi Drug Smuggling Case: उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. बैंकॉक से वाराणसी पहुंचे छह थाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से भारी मात्रा में हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ है. अधिकारियों के मुताबिक जब्त किए गए नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 19 करोड़ रुपये आंकी गई है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 3 महिलाएं भी शामिल हैं. इस कार्रवाई को हाल के समय में एयरपोर्ट पर हुई सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी में से एक माना जा रहा है.

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बैग से निकला प्रतिबंधित पदार्थ

कस्टम अधिकारियों के अनुसार सभी आरोपी शनिवार को एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-215 से बैंकॉक से वाराणसी पहुंचे थे. जांच और स्क्रीनिंग के दौरान अधिकारियों को यात्रियों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. इसके बाद उनके सामान की गहन तलाशी ली गई. जांच में ट्रॉली बैग के भीतर प्लास्टिक पैकेटों में छिपाकर रखा गया 19.7 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ. बरामदगी के बाद सभी यात्रियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई.

खतरनाक माना जाता है हाइड्रोपोनिक गांजा

जांच एजेंसियों के मुताबिक हाइड्रोपोनिक गांजा सामान्य गांजे की तुलना में अधिक महंगा होता है. इसकी खेती पारंपरिक मिट्टी में नहीं बल्कि विशेष पोषक तत्वों से युक्त पानी आधारित तकनीक के जरिए की जाती है. इसी वजह से इसकी गुणवत्ता और नशीला प्रभाव अधिक माना जाता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग भी काफी ज्यादा रहती है, जिसके चलते इसकी कीमत सामान्य गांजे की तुलना में कई गुना अधिक होती है.

पूछताछ में सामने आया तस्करी का पुराना नेटवर्क

अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अहम जानकारियां दी हैं. शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गिरोह पहले भी भारत में नशीले पदार्थों की सप्लाई कर चुका है. आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कोलकाता और गया के रास्ते भी ड्रग्स की खेप भारत पहुंचाते रहे हैं. इससे संकेत मिल रहे हैं कि यह कोई एक बार की घटना नहीं बल्कि एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है.

एक अन्य महिला की भूमिका भी जांच के दायरे में

जांच एजेंसियां इस मामले में एक और थाई महिला की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं. जानकारी के अनुसार उसी महिला ने भारत में आरोपियों के ठहरने के लिए होटल की व्यवस्था कराई थी और कथित तौर पर ड्रग्स की खेप को गंतव्य तक पहुंचाने की योजना में भी उसकी भूमिका थी. कस्टम विभाग ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी छह आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है.

(आज तक के इनपुट से)