Etawah Double Murder: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में हुए डबल मर्डर का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. भरथना इलाके में मां पुष्पा देवी और बेटी मंजू यादव की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि मंजू के पति सत्येंद्र यादव ने ही की थी. पुलिस ने आरोपी पति को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने कोर्ट द्वारा तय किए गए भरण-पोषण के पैसे से बचने के लिए अपनी पत्नी और सास को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया.
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भरण-पोषण से बचने के लिए मर्डर
जानकारी के मुताबिक, मृतका मंजू यादव का अपने ससुराल वालों से विवाद चल रहा था और वह मायके में रहती थी. मंजू ने कोर्ट में भरण-पोषण और घरेलू हिंसा का केस किया था. कोर्ट ने सत्येंद्र को 3 लाख रुपये नकद और 7000 रुपये महीना पत्नी को देने का आदेश दिया था. सत्येंद्र को डर था कि कहीं ससुराल वाले दोबारा कोर्ट जाकर यह रकम 20 से 25 हजार रुपये महीना ना करवा लें. इसी डर से उसने दोनों को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बनाया.
खेत बेचकर रची खौफनाक साजिश
इस खौफनाक हत्याकांड की साजिश 13 अगस्त 2026 को रची गई थी. आरोपी पति सत्येंद्र ने अपने एक रिश्तेदार मुकेश यादव को भी इस जुर्म में शामिल किया. हत्या का इंतजाम करने के लिए सत्येंद्र ने अपनी मक्के की फसल 5 लाख रुपये में बेच दी. इसमें से 1.5 लाख रुपये उसने अपने रिश्तेदार मुकेश को दिए थे. इसके बाद 15 अगस्त को दोनों ने मिलकर हत्या की पूरी प्लानिंग की.
कोल्ड ड्रिंक में मिलाई नशीली दवा
योजना के तहत 15 अगस्त की शाम आरोपी अपने ससुराल चंदेठी गांव पहुंचा. उसने अपनी सास और पत्नी को कोल्ड ड्रिंक पिलाई, जिसमें पहले से ही नशीली दवा मिली हुई थी. जैसे ही कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद सास और पत्नी बेहोश हुईं, दोनों आरोपियों ने बड़ी बेरहमी से उन्हें मार डाला. इसके बाद 17 अगस्त 2026 को पुलिस को घर के अंदर से दोनों के शव मिले थे.
नफरत में पत्नी की पायल उतारी
हत्या के बाद सत्येंद्र ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं. वह अपनी पत्नी से इतनी ज्यादा खुन्नस और नफरत में था कि वह उसे सुहागन के रूप में नहीं देखना चाहता था. इसलिए उसने अपनी पत्नी की लाश के पैरों से सुहाग की निशानी यानी दोनों पायल उतार लीं और उन्हें अपने साथ ले गया.
मुठभेड़ के बाद आरोपी पति गिरफ्तार
डबल मर्डर के बाद पुलिस की एसओजी, सर्विलांस और भरथना थाने की संयुक्त टीम जांच में जुटी थी. 17 अगस्त को ही आरोपी रिश्तेदार मुकेश को मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया गया था. वहीं 20-21 अगस्त की दरमियानी रात पुलिस ने मुख्य आरोपी सत्येंद्र को भी तुरैया पुल के पास एक मंदिर से गिरफ्तार कर लिया. गवाहों को धमकाने आए आरोपी ने पुलिस को देखकर फायरिंग की थी. उसके पास से एक 315 बोर का तमंचा, कारतूस और मृतका के पैरों से उतारी गई पायल बरामद कर ली गई है.
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