Salim Wastik Health Update:गाजियाबाद के लोनी इलाके में अपने ही ऑफिस में सोफे पर लेटे सलीम वास्तविक पर जिस तरह दो नकाबपोश बदमाशों ने हमला किया उसका वीडियो देखकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं. हमलावरों ने उनके गले और पेट पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार किए थे. जहां इस हमले में शामिल दोनों सगे भाई जीशान और गुलफाम पुलिस एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं. वहीं सलीम वास्तविक की सांसें अभी भी वेंटिलेटर और डॉक्टरों की निगरानी के भरोसे हैं.
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रूह कंपा देने वाला वो मंजर
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, 27 फरवरी को दो हेलमेट पहने बदमाश सलीम के ऑफिस पहुंचते हैं. सलीम के बैठने के लिए कहते ही वे उन पर टूट पड़ते हैं. हमलावर 'गुस्ताखी की सजा' चिल्लाते हुए उन पर वार करते रहे. खून से लथपथ सलीम चीखते-चिल्लाते रहे.लेकिन कट्टरपंथी सोच से भरे हमलावरों को जरा भी तरस नहीं आया.
आईसीयू में जारी है संघर्ष
गंभीर रूप से घायल सलीम को पहले जीटीबी अस्पताल ले जाया गया था. यहां से उन्हें साकेत के मैक्स हॉस्पिटल रेफर किया गया. आज 5 मार्च है और उनकी हालत अभी भी स्थिर नहीं हुई है. शरीर के कई अंगों पर गहरे जख्म होने के कारण संक्रमण और खून की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है. डॉक्टरों की टीम 24 घंटे उनकी निगरानी कर रही है.
क्यों हुआ हमला? पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा
सलीम वास्तविक अपने यूट्यूब चैनल और टीवी डिबेट्स के जरिए इस्लाम की कुछ प्रथाओं पर सवाल उठाते थे और खुद को 'एक्स-मुस्लिम' बताते थे. पुलिस जांच में सामने आया है कि हमलावर उनके इन्हीं बयानों और वीडियोज से नाराज थे. यह हमला कोई अचानक हुई घटना नहीं थी बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत हेलमेट और धारदार हथियारों के साथ अंजाम दिया गया था.
दोनों हमलावर भाई ढेर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यूपी पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया. 1 मार्च को मुठभेड़ में पहला हमलावर जीशान ढेर हुआ. वहीं 3 मार्च को दूसरा भाई गुलफाम भी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया. महज 48 घंटों के भीतर इंसाफ तो हो गया. लेकिन मुख्य पीड़ित अभी भी अस्पताल में संघर्ष कर रहे हैं.
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