SP Aparna Kaushik Story:मीरजापुर की SP अपर्णा रजत कौशिक जिन्हें अपराधियों के खिलाफ उनके सख्त रुख के कारण लेडी सिंघम कहा जाता है. हाल ही में सोशल मीडिया पर बॉडी शेमिंग का शिकार हुईं. मीरजापुर पुलिस द्वारा एक गौ तस्कर की गिरफ्तारी की जानकारी देने के लिए इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो पर सैकड़ों यूजर्स ने उनकी कद-काठी को लेकर भद्दे कमेंट्स किए. विवाद इतना बढ़ा कि पुलिस को कमेंट सेक्शन बंद करना पड़ा.हालांकि अपर्णा कौशिक का व्यक्तित्व और उनका करियर ग्राफ इन टिप्पणियों से कहीं ज्यादा ऊंचा और प्रेरणादायक है.खबर में आगे जानिए अपर्णा कौशिक की पूरी कहानी.
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18 लाख की नौकरी ठुकराई
अपर्णा रजत कौशिक का सफर बेहद दिलचस्प है. उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक किया और उन्हें 18 लाख रुपये के सालाना पैकेज वाली शानदार नौकरी मिली. लेकिन समाज सेवा और खाकी का जुनून ऐसा था कि उन्होंने उस मोटी सैलरी को ठुकरा दिया. यूपीएससी की तैयारी शुरू की और अपने पहले ही प्रयास में न केवल परीक्षा पास की बल्कि शानदार रैंक हासिल कर आईपीएस बनीं.
बिना पिता के साये के मां ने बनाया आत्मनिर्भर
अपर्णा के जन्म से पहले ही उनके पिता का निधन हो गया था. उनकी मां जो खुद 1985 में यूपीएससी क्लियर कर चुकी थीं. हालांकि उन्होंने आईएएस बनना स्वीकार नहीं किया था.उन्होंने अपर्णा को मां और पिता दोनों का प्यार दिया और उन्हें एक मजबूत इंसान बनाया अपर्णा स्कूल और कॉलेज के दिनों में भी स्टेट टॉपर रही हैं.
सादगी भरी शादी और समाज सेवा की मिसाल
साल 2018 में अपर्णा की शादी रजत कौशिक से हुई. यह शादी बेहद सादगी के साथ उत्तराखंड के त्रिजुगी नारायण मंदिर में संपन्न हुई. शादी में फिजूलखर्ची करने के बजाय अपर्णा ने बचाए हुए पैसे महिला सशक्तिकरण के लिए काम करने वाले एक संस्थान को दान कर दिए. उनकी इस सादगी और सोच की देशभर में सराहना हुई थी. शाहजहांपुर में एसपी रहते हुए उन्होंने एक दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए अपने ही विभाग के एक आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी. अमेठी और कासगंज में भी नशा माफियाओं और गौ तस्करों की कमर तोड़ने के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाता है. उनके इसी निडर अंदाज के लिए उन्हें डीजी कमांडेशन डिस्क के सिल्वर और गोल्ड मेडल से भी नवाजा जा चुका है.
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