रिहायशी इलाकों में होटल-गेस्ट हाउस पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, राष्ट्रपति सचिवालय ने लिया संज्ञान

Vrindavan hotel controversy: वृन्दावन के रिहायशी इलाकों में संचालित होटल, गेस्ट हाउस और गोदामों को लेकर दायर याचिका पर राष्ट्रपति सचिवालय ने संज्ञान लिया है. सचिवालय ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं याचिकाकर्ता ने अग्निकांडों और कथित अनियमित निर्माणों की जांच की मांग उठाई है.

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Newzo

• 03:11 PM • 12 Jun 2026

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Vrindavan hotel controversy: रिहायशी इलाकों में बढ़ते होटल, गेस्ट हाउस, शोरूम और गोदामों के कारण लगातार हो रहे अग्निकांडों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलादकृष्ण शुक्ला (एडवोकेट) ने केंद्रीय एवं राज्य सरकार के साथ-साथ राष्ट्रपति भवन में अपनी याचिका प्रस्तुत की.

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इस याचिका का संज्ञान लेते हुए महामहिम राष्ट्रपति सचिवालय के अवर सचिव लक्ष्मी महाराबूषनम् ने प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

याचिका में बताया गया है कि कुछ माह पहले रूक्मणी बिहार के होटल सिद्धिविनायक में हुए अग्निकांड मामले में विकास प्राधिकरण के तीन अवर अभियंता—दिनेश कुमार, मनोज कुमार अग्रवाल और अनिल सिंघल—से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन दोषियों के बावजूद अभी तक कोई जवाबदेही तय नहीं की गई.

इसके अलावा, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण ने सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई थी, जो चैतन्य बिहार और रूक्मणी बिहार के रिहायशी इलाकों में मानकों के विपरीत चल रहे गेस्ट हाउस और होटलों की जांच के लिए थी. लगभग 3–4 माह बाद भी इस कमेटी ने कोई कार्रवाई नहीं की.

प्रहलादकृष्ण शुक्ला ने याचिका में एमवीडीए के पूर्व सहायक अभियंता अशोक चैधरी, राजेश्वर सिंह और पंकज शुक्ला सहित अन्य अधिकारियों के कार्यकाल में पास किए गए सभी नक्शों की जांच की मांग भी की है.

याचिका में रिहायशी इलाकों में बढ़ते होटल, गेस्ट हाउस, तंग गलियों में संचालित शोरूम और गोदामों की विस्तृत जानकारी और साक्ष्य राष्ट्रपति सचिवालय को उपलब्ध कराए गए हैं.