Ghaziabad Gym Trainers Verification: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में जिमों में काम करने वाले ट्रेनरों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. अब जिले के सभी जिम ट्रेनरों का पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही हर ट्रेनर को अपनी वास्तविक पहचान दर्शाने वाला आईडी कार्ड पहनना भी जरूरी किया जाएगा. जिला प्रशासन जल्द ही इस संबंध में सभी जिम संचालकों को दिशा-निर्देश जारी करेगा. प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य जिम आने वाले लोगों के लिए सुरक्षित और पारदर्शी माहौल तैयार करना है.
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शामली की घटना के बाद सतर्क हुआ प्रशासन
बताया जा रहा है कि शामली में सामने आए धर्मांतरण के आरोपों के बाद जिला प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है. जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने जिले के सभी जिमों का व्यापक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए एडीएम सिटी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई है. यह टीम जिले के अलग-अलग जिमों में जाकर जांच करेगी और सत्यापन की पूरी प्रक्रिया को अंजाम देगी.
ट्रेनरों का तैयार होगा पूरा डाटाबेस
प्रशासनिक टीम जिमों में कार्यरत सभी ट्रेनरों के नाम, पते, पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच करेगी. इसके साथ ही प्रत्येक ट्रेनर का विस्तृत डाटाबेस भी तैयार किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनकी जानकारी तत्काल उपलब्ध हो सके. जिला प्रशासन का मानना है कि इससे पहचान छिपाकर काम करने वाले लोगों पर निगरानी रखना आसान होगा.
पहचान छिपाने वालों पर प्रशासन की नजर
डीएम रविंद्र कुमार ने कहा कि कई जगह ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां कुछ जिम ट्रेनर अपनी वास्तविक पहचान और नाम छिपाकर लोगों को परेशान करते हैं या फिर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं. ऐसे मामलों को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पहचान को लेकर किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी. जांच के दौरान यदि किसी जिम में निर्धारित नियमों का पालन नहीं पाया गया तो संबंधित जिम संचालकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है.
नकली सप्लीमेंट्स बेचने वालों पर भी होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने जिमों में इस्तेमाल और बेचे जाने वाले सप्लीमेंट्स को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है. डीएम ने कहा कि जिम में ग्राहकों को दिए या सुझाए जाने वाले सभी उत्पाद प्रमाणित और मानक गुणवत्ता वाले होने चाहिए. यदि किसी ट्रेनर या जिम संचालक द्वारा गैर-प्रमाणित सप्लीमेंट्स के जरिए लोगों से ठगी करने की शिकायत मिलती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा और विश्वास बनाए रखने के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा.
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