नशीला दूध पिलाते फिर न्यूड फोटो भेज करते थे सौदा, चंदौली में इस तरह हुआ बच्चा बेचने वाले गैंग का भंडाफोड़

Chandauli Child Kidnapping Gang: चंदौली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर सक्रिय बच्चा चोरी गैंग का जीआरपी और आरपीएफ ने भंडाफोड़ किया है. चार आरोपियों को गिरफ्तार कर दो साल के मासूम को सकुशल बरामद किया गया.

उदय गुप्ता

• 09:14 PM • 12 Feb 2026

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Chandauli Child Kidnapping Gang: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर सक्रिय एक संगठित बच्चा चोर गैंग का भंडाफोड़ हुआ है. जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में इस गैंग के चार सदस्यों, तीन पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किया गया दो साल का मासूम बच्चा सकुशल बरामद कर उसकी मां को सौंप दिया है. पुलिस के अनुसार यह गैंग रेलवे स्टेशन और बस अड्डों जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर घूमता रहता था और मौका पाते ही बच्चों की चोरी कर लेता था. चोरी किए गए बच्चों को बिहार के एक व्यक्ति को ऊंची कीमत पर बेचा जाता था.

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बुधवार रात हुई वारदात

दरअसल, बुधवार की रात बिहार के रोहतास जिले की रहने वाली एक श्रमिक महिला पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन परिसर के बाहरी इलाके में अपने बच्चों के साथ सो रही थी. भोर करीब 3 बजे उसका दो वर्षीय बच्चा चोरी हो गया. जब महिला की नींद खुली और बच्चा नहीं मिला तो उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी.

सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम सक्रिय हो गई और स्टेशन परिसर व आसपास के क्षेत्रों में तलाश शुरू की. इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने चार लोगों को पकड़ा, जिनके पास से चोरी किया गया बच्चा बरामद हुआ.

नए कपड़े, दूध की बोतल और नशीली गोलियां हुईं बरामद

गिरफ्तार आरोपियों की तलाशी लेने पर पुलिस को बच्चों के नए कपड़े, दूध की बोतल और नींद की गोलियां भी मिलीं. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बच्चों के दूध में नींद की गोली मिलाकर उन्हें बेसुध कर देते थे, ताकि चोरी के दौरान कोई शोर-शराबा न हो. गैंग की महिला सदस्य बच्चे को गोद में लेकर निकल जाती थी, जिससे किसी को शक न हो.

पहले फोटो भेजते थे, फिर होती थी डील

जीआरपी प्रभारी निरीक्षक सुनील सिंह ने बताया कि यह गैंग संगठित तरीके से काम करता था. बच्चे को चोरी करने के बाद उसका न्यूड फोटो अगली टीम या खरीददार को भेजा जाता था. वहां से ‘ओके’ मिलने के बाद ही बच्चे को ले जाकर बेचा जाता था. उन्होंने बताया कि यह गैंग केवल मेल चाइल्ड (लड़के) को निशाना बनाता था और लड़कियों को नहीं लेता था. नवजात शिशुओं की कीमत अधिक मिलती थी, यानी बच्चे की उम्र जितनी कम, कीमत उतनी ज्यादा. पुलिस अब उस व्यक्ति की तलाश में जुटी है, जिसे यह गैंग बच्चों की सप्लाई करता था और जो इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है.

मां को सौंपा गया बच्चा

पुलिस ने बरामद बच्चे को उसकी मां पमिया देवी को सौंप दिया है. बच्चे को वापस पाकर मां ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह सीढ़ियों के नीचे बच्चे के साथ सो रही थीं, तभी तड़के 3 बजे बच्चा चोरी हो गया. काफी तलाश के बाद वह पुलिस के पास पहुंचीं और पुलिस की सक्रियता से उनका बच्चा उन्हें वापस मिल गया.

फिलहाल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. जीआरपी और आरपीएफ की टीम अब इस गैंग के नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है, ताकि इस संगठित अपराध की जड़ तक पहुंचा जा सके.

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