Shamli Ayush Malik Conversion Case: शामली के चर्चित धर्मांतरण मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी तौफीक उर्फ भोला को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस का दावा है कि यह वही आरोपी है, जिस पर हिंदू युवक आयुष मलिक के कथित धर्मांतरण और निकाह की साजिश में शामिल होने के आरोप हैं. आरोपी के कब्जे से एक निकाहनामा भी बरामद किया गया है, जिसे पुलिस इस मामले का अहम साक्ष्य मान रही है. वहीं अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में शामली के एक चर्चित डॉक्टर और कुछ मौलवियों की भूमिका भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गई है.
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तौफीक उर्फ भोला गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी तौफीक थाना कोतवाली शामली है. उसके खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं और वह वर्तमान मामले में वांछित चल रहा था. पुलिस ने जाल बिछाकर उसे दबोचा और उसके कब्जे से जबरन कराए गए कथित निकाह से जुड़ा एक निकाहनामा बरामद किया. इस मामले में इससे पहले मुख्य आरोपी जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को 7 जून 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. अदालत उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर चुकी है.
डॉक्टर और मौलवियों की भूमिका की जांच
जांच के दौरान एक नया एंगल सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक शामली का एक चर्चित मुस्लिम डॉक्टर पुलिस की निगरानी में है. बकरीद के दिन डॉक्टर और आयुष मलिक की मस्जिद में साथ नमाज पढ़ते हुए तस्वीरें वायरल हुई थीं. हालांकि पुलिस की ओर से डॉक्टर की भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर उसके संरक्षण देने और कथित साजिश में शामिल होने के आरोपों की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि दिल्ली और मुंबई के कुछ मौलवियों की भूमिका की भी गहन तफ्तीश की जा रही है.
पिता ने लगाए ब्रेनवॉश और संपत्ति हड़पने के आरोप
दवा कारोबारी और केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष देवराज मलिक ने आरोप लगाया कि उनका बेटा आयुष मलिक साल 2018 में 'कुरैशी प्लस' जिम जाने लगा था. उनका दावा है कि वहां जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी, उसके परिवार और मुल्ला-मौलवियों ने धीरे-धीरे उसका ब्रेनवॉश किया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिवार को जमीन-जायदाद उनके नाम करने और ऐसा नहीं करने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी गईं. देवराज मलिक का कहना है कि उन्हें फरवरी 2026 में पूरे मामले का एहसास हुआ, जब आयुष को मस्जिद से नमाज पढ़कर निकलते देखा गया.
पिता के आरोपों को बताया गलत
दूसरी ओर आयुष ने पिता के ब्रेनवॉश और ब्लैकमेलिंग के दावों को पूरी तरह से सिरे से खारिज करते हुए कहा, मैं किसी के प्रभाव या दबाव में नहीं हूँ. मेरा रुझान स्कूल के समय (2012-13) से ही इस्लाम की तरफ बढ़ने लगा था. मैंने पाकिस्तान के मशहूर इस्लामिक इन्फ्लुएंशर डॉक्टर इसरार अहमद के वीडियो देखे, जिससे मेरा खुद का रुझान बढ़ा. मैं बचपन से ही मंदिर नहीं जाता था और अब 5 वक्त की नमाज पढ़ता हूँ और सुन्नत के मुताबिक दाढ़ी रखी है.
पूरे मामले की जांच जारी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार तौफीक उर्फ भोला के खिलाफ वर्तमान धर्मांतरण मामले के अलावा बिजली चोरी, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, सरकारी आदेश उल्लंघन, बलवा, मारपीट, धमकी और घर में घुसकर हमला करने जैसे कई मुकदमे दर्ज हैं. शामली के एसपी एनपी सिंह का कहना है कि पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और यदि किसी भी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस इस कथित सिंडिकेट से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है.
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