Pinky Mali Jaunpur connection: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और राष्ट्रवादी नेशनल कांग्रेस अजीत पवार गुट के अध्यक्ष अजीत पवार का निधन हो गया. यह दुखद घटना तब घटी जब वो बारामती एयरपोर्ट पर लैंड कर रहे थे. उस वक्त उनका विमान क्रैश कर गया. इस विमान क्रैश में उनके अलावा दो उनके सहयोगी और चार क्रू मेंबर्स की मौत भी हुई है. इस मौत की चर्चा उत्तर प्रदेश में भी है क्योंकि उसमें पिंकी माली भी शामिल थी और पिंकी माली का कनेक्शन जौनपुर से.इस खबर में हम आपको पिंकी माली और उनके जौनपुर कनेक्शन के बारे में बताएंगे.
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कौन थी पिंकी माली
पिंकी माली मूल रूप से जौनपुर के केराकत तहसील के भैंसा गांव की रहने वाली थीं. उनका परिवार लंबे समय से मुंबई में रह रहा है और पिंकी की शिक्षा-दीक्षा भी वहीं हुई थी. दो बहनों और एक भाई में पिंकी दूसरे नंबर पर थीं. उनकी शादी करीब 5-6 साल पहले हुई थी.अपना दल के राष्ट्रीय सचिव पप्पू माली ने बताया कि पिंकी का परिवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से जुड़ा रहा है और उनके पिता शिवकुमार माली पार्टी के सक्रिय नेता रहे हैं.
एयर इंडिया से प्राइवेट जेट तक का सफर
पिंकी एक अनुभवी फ्लाइट अटेंडेंट थीं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एयर इंडिया से की थी. पिछले 5 सालों से वे प्राइवेट चार्टर्ड जेट्स में काम कर रही थीं. अपने पेशेवर करियर में उन्होंने देश के राष्ट्रपति और कई मुख्यमंत्रियों के साथ भी उड़ान भरी थी. अजित पवार के साथ यह उनका चौथा सफर था.
पिता से हुई थी ये आखिरी बात
पिंकी के पिता शिवकुमार माली ने बताया कि हादसे से एक दिन पहले उनकी बेटी से बात हुई थी. पिंकी ने कहा था कि 'पापा,मैं कल सुबह अजित दादा पवार के साथ बारामती जा रही हूं. उन्हें वहां ड्रॉप करने के बाद मैं नांदेड़ चली जाऊंगी.' जिसके बाद पिता ने जवाब दिया 'ठीक है बेटा, सुबह बात करेंगे.' लेकिन अगली सुबह परिवार को फोन नहीं बल्कि टीवी के जरिए इस अनहोनी की सूचना मिली. पिंकी के चाचा चंद्रभूषण माली ने बताया कि सुबह 10.30 बजे जब उन्होंने न्यूज देखी तब जाकर इस हादसे के बारे में पता चला.
कैसे हुआ हादसा?
विमान ने सुबह 8.10 बजे मुंबई से उड़ान भरी. सुबह 8:45 बजे विमान रडार से गायब हो गया. सुबह 8:50 के करीब बारामती एयरपोर्ट के पास विमान क्रैश हुआ. पायलट ने लैंडिंग से पहले पुअर विजिबिलिटी की बात कही थी. विमान रनवे से बाहर निकल गया और उसमें भीषण आग लग गई. अस्पताल ले जाने के दौरान सभी ने दम तोड़ दिया. बता दें कि अजित पवार 5 फरवरी को बारामती में होने वाले जिला परिषद चुनाव के लिए एक रैली को संबोधित करने जा रहे थे. दिलचस्प बात यह है कि इस चुनाव में वे अपने चाचा शरद पवार के साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे थे और दोनों पार्टियों के मर्जर की चर्चाएं भी जोरों पर थीं. इस हादसे ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा कर दिया है.
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